बेरहम मामी का खौफनाक कृत्य:मासूम बच्ची बिस्तर पर यूरिन करती थी इसलिए जलाया था प्राइवेट पार्ट; मामा की भूमिका की भी जांच

By Abhishek Raghuvanshi
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Child Rape, Sexual Harassment, Child Sexual Abusing, Pocso Act - बच्चे को  घर से बाहर भेजने से पहले ये सब सिखाएं, गंदी नजरों और हरकतों से बचेंगे -  Amar Ujala Hindi News Live

गोद ली गई आठ वर्षीय बालिका के साथ बेरहमी से मारपीट करने वाली मामी लक्ष्मी जायसवाल के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने बालिका मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसके खिलाफ धारा 326-ए (जलाकर गंभीर रूप से जख्मी करना) की बढ़ा दी है। इसके साथ ही मामा रामप्रकाश जायसवाल को भी आरोपी बनाया है। एमआईजी थाना टीआई अजय वर्मा ने बताया कि मामा भी मारपीट में लिप्त था।

इस मामले में रहवासियों में अभी भी काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि मामी आए दिन उसे जरा-जरा सी बात जमकर पिटाई करती थी। मासूम बच्ची बिस्तर पर यूरिन करती थी इसलिए उसने गुस्से में आकर उसका प्राइवेट पार्ट जख्मी कर जला दिया। पीड़िता बालिका अभी अस्पताल में एडमिट है तथा उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। इसके साथ ही उसकी लगातार काउंसलिंग की जा रही है। इस बीच बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पल्लवी पोरवाल व अन्य सदस्य अस्पताल पहुंचे और बालिका से बात की। वह अभी भी काफी सहमी हुई है। वह बार-बार अपने जख्मों को देखती है और रुआंसी हो जाती है। उसके मन में अभी भी मारपीट के दृश्य कौंध रहे हैं। इसके चलते उसकी काउंसिंग की जा रही है। समिति अध्यक्ष ने बताया कि अभी उसकी मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है तथा बयान भी होने है। बालिका के बयान के बाद समिति द्वारा पुलिस को एक पत्र लिखकर आरोपी मामी के खिलाफ पाक्सो सहित अन्य गंभीर धाराएं बढ़ाने की अपील की जाएगी। इसके साथ ही मामा की भूमिका की जांच की भी मांग की जाएगी।

पाक्सो की धारा नहीं लगाने पर सवाल
इस मामले में प्रारंभिक तौर पर ही मासूम ने चाइल्ड लाइन व बाल कल्याण समिति के सामने अपने साथ हुए घटनाक्रम को बताया था। खुद टीम भी उसके शरीर पर जख्म देखकर सहम गई थी। बालिका ने खुद बताया कि मामी ने उसका प्राइवेट पार्ट जलाया है, इसके बावजूद पुलिस ने सामान्य धाराओं में केस दर्ज किया। दूसरी ओर ऐसे कई मामले हुए हैं जिसमें पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर ही आरोपियों के खिलाफ पाक्सो सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई है। चार पहले मंदसौर में बालिका के साथ हुए गैंग रेप की घटना में उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल में एडमिट किया था। इस दौरान एक नर्स द्वारा बालिका का फोटो लेने पर पुलिस ने उसके खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। मामले में उसे सस्पेंड भी किया गया था।

बाल कल्याण समिति के अनुसार पाक्सो एक्ट को लेकर समय-समय पर कई बार ट्रेनिंग भी हुई लेकिन फिर भी कई मामलों में पुलिस द्वारा लेतलाली की जाती है। सिर्फ किसी पुरुष द्वारा बालिका के साथ गलत हरकत करना ही पाक्सो एक्ट नहीं है, अगर कोई भी अबोध के प्राइवेट पार्ट को छूता है, नुकसान पहुंचाता है, उसकी आइडेंडिटी उजागर करता है तो भी वह आरोपी पाक्सो की धारा की श्रेणी में आता है। बहरहाल, अभी बालिका के बयान तथा मेडिकल रिपोर्ट पर मामला टिका है। टीआई अजय वर्मा ने बताया कि बालिका के जांघ को जलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी।

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आरोपी मामी अस्पताल में एडमिट
इस मामले में अत्याचार करने वाले मामा-मामी के खिलाफ रहवासियों का आक्रोश अभी भी है। बताया जाता है कि रहवासियों को शांत करने के लिए कुछ लोगों ने मध्यस्थता करने की कोशिश की लेकिन उनकी एक न चली। वे दंपती को मारने पर उतारू थे। इस बीच सोमवार को मामी लक्ष्मी जायसवाल को अस्पताल में एडमिट किया गया है। टीआई अजय वर्मा ने बताया कि ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण उसे अस्पताल में एडमिट किया है। जल्द ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।

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