फर्जी एडवाइजरी कंपनी चलाकर, निवेश के नाम पर करोड़ो की धोखाधडी करने वाला पुलिस की गिरप्त मे

By Abhishek Raghuvanshi
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फर्जी एडवाइजरी कंपनी खोलकर निवेश के नाम पर भारतीय सेना के जवान से लेकर प्रदेश के कई अन्य राज्यों और शहरों में कई लोगों को अपना ठगी का शिकार बना चुके मुख्य आरोपी पवन तिवारी से न्यायालय में रिमांड के बाद पूछताछ में पुलिस ने आरोपी के मयूर नगर फ्लैट से 11 लाख नगद सोने के आभूषण ब्रांडेड कंपनी की घड़ियां और 8 महीने मोबाइल फोन बरामद किए हैं फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है धोखाधड़ी मामले में अब तक 10 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी अन्य की तलाश जारी.

इंदौर राऊ थाना पुलिस ने पिछले दिनों निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था जहां पर जी एडवाइजरी के नाम पर भारतीय सेना पदस्थ अधिकारियों सहित प्रदेश के कई आम लोगों को अपना शिकार बनाया था जहां निवेश में दोगुना लाभ देने के नाम पर शातिर अपराधी वारदात को अंजाम देते थे सभी पूर्व में भी कई एडवाइजरी कंपनियों में काम कर चुके हैं गिरोह का मुख्य सरगरा पवन तिवारी को पुलिस ने रीवा से गिरफ्तार किया था जहां पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से रिमांड लेकर पूछताछ में बड़ा खुलासा और किया है आरोपी के मयूर नगर स्थित घर से तलाशी के दौरान 11लाख रुपए नगद छे ब्रांडेड कंपनी की गाड़ियां 8 महंगे मोबाइल फोन लैपटॉप सोने के आभूषण प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद किए हैं जो आम लोगों को निवेश के नाम पर ठगी से कमाए गए रुपए से आरोपी पवन ऐसो आराम की जिंदगी जी रहा था फिलहाल फिलहाल अब तक पुलिस ने इस मामले में लगभग 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है फिलहाल माननीय न्यायालय का रिमांड खत्म हो चुका है पुलिस एक बार पुनः प्रयास करेगी कि पवन को रिमांड पर लेकर उस गिरोह से जुड़े अन्य और भी साथियों के बारे में पता लगाया जा सके।

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