शहर में परदेशीपुरा थाना पुलिस ने उन ठगोरों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है जो एक दुष्कर्म पीड़िता से 10 लाख रुपये ठग चुके थे। आरोपित जिला कोर्ट के जज से सेटिंग और शासन से क्षतिपूर्ति दिलवाने का झांसा देकर रुपये मांग रहे थे। आरोपित खुद को पत्रकार बता कर लोगों से ठगी करते हैं। दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पत्नी क्राइम ब्रांच में बोलकर एंठे रुपये
टीआइ के मुताबिक महिला ने बताया कि केस दर्ज करवाने के बाद आरोपित उससे मिले और कहा कि वह पत्रकार हैं। उनका न्यूज चैनल चलता है। आरोपित आशीष ने कहा कि उसकी पत्नी क्राइम ब्रांच में ही है। जज से सेटिंग करवा कर मनीष (आरोपित) को कड़ी सजा दिलवा देगा। शासन से भी मदद करवा देगा। टीआइ के मुताबिक दोनों ही फर्जी पत्रकार हैं। आरोपितों ने आठ महीने पूर्व ही साप्ताहिक अखबार कलयुग की जलती मशाल के नाम से एक अखबार शुरू किया था। इसके पहले वह साड़ियां बेचने का काम करते थे।
टीआइ पंकज द्विवेदी के मुताबिक आरोपितों का नाम आशीष चौहान निवासी विद्या पैलेस और राकेश परमार निवासी गणेश नगर है। दोनों के खिलाफ सोमनाथ की जूनी चाल में रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई है। महिला ने पुलिस को बताया कि उसने जुलाई 2020 में आरोपित मनीष वर्मा व अन्य के खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज करवाया था। आरोपितों ने इस केस को कोर्ट में ठीक तरह से चलाने, वकील नियुक्त करने, शासन से 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाने का झांसा दिया और अलग अलग किस्तों में 10 लाख रुपये ले लिए।
