ग्वालियर। 09.07.2022। ग्वलियर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री अमित सांघी,भापुसे के निर्देशानुसार ग्वालियर जिले में फरार आरोपियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 09.07.2022 को जरिए मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि थाना ग्वालियर के हत्या के प्रकरण में फरार आरोपियों मे से दो आरोपियों को थाना डबरा क्षेत्रांर्तगत डबरा बुजुर्ग में देखा गया है। मुखबिर की सूचना पर से पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा अति. पुलिस अधीक्षक(मध्य/यातायात) श्री अभिनव चौकसे,भापुसे एवं अति0 पुलिस अधीक्षक शहर (पूर्व/अपराध) श्री राजेश डण्डोतिया को क्राईम ब्रांच एवं थाना ग्वालियर पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर उक्त प्रकरण में फरार आरोपियों को पकड़ने हेतु मुखबिर के बताये स्थान पर भेजने हेतु निर्देश किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के परिपालन में उप पुलिस अधीक्षक अपराध श्री रत्नेश सिंह तोमर, श्री विजय भदौरिया एवं सीएसपी ग्वालियर श्री प्रमोद शाक्य के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ग्वालियर निरी0 दीपक यादव एवं थाना प्रभारी क्राईम ब्रांच निरीक्षक डॉ. संतोष यादव के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच व थाना बल की संयुक्त टीम को थाना डबरा क्षेत्रांर्तगत डबरा बुजुर्ग भेजा गया। पुलिस टीम को उक्त प्रकरण के फरार दो आरोपी डबरा बुजुर्ग स्थित अपने रिश्तेदार के मकान मे छिपे मिले, जिन्हे पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर धरदबोच लिया गया। पकड़े गये आरोपियों से प्रकरण के संबंध मे पूछताछ करने पर उनके द्वारा घटना कारित करना स्वीकार किया। पुलिस टीम द्वारा पकड़े गये आरोपीगणों की निशादेही पर उनके पास से हत्या में प्रयुक्त चाकू को विधिवत जप्त किया गया। पकड़े गये आरोपियों में मृतक को चाकू मारने वाला व्यक्ति भी शामिल है। पुलिस टीम द्वारा उक्त दोनों आरोपीगणों को थाना ग्वालियर के अप.क्र. 361/22 धारा 302,34 भादवि में गिरफ्तार किया जाकर उनसे प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
ज्ञात हो कि दिनांक 08.07.2022 को फरियादी ने थाना ग्वालियर में आकर लिखित शिकायत की थी कि दिनांक 06.07.2022 को मैं और मेरा बेटा आरोपीगणों के घर उधार दिये गये रूपये लेने गये थे मैं घर के बाहर ही रूक गया था और मेरा बेटा घर के अंदर चला गया। कुछ देर बाद घर के अंदर से आरोपीगणों द्वारा मेरे बेटे को गाली गलोच करने की आवाज सुनकर मैं घर के अंदर पंहुचा तो आरोपीगण मेरे बेटे को मार रहे थे मेरे मना करने पर वह मुझे भी जान से मारने की नियत से दौड़े, परन्तु मै वहां से अपनी जान बचाकर भाग आया। कुछ देर बाद मेरे भाई के मोबाइल पर एक कॉल आया जिसमें एक महिला द्वारा बताया गया कि मेरे बेटे का एक्सीडेंट हो गया है जिसे उपचार हेतु बिरला हॉस्पीटल भर्ती कराया गया है। मेरे द्वारा परिवारजनों सहित हॉस्पीटल जाकर देखा गया तों वहां मेरा बेटा गंभीर हालत में भर्ती था। जिसे डॉक्टर की सलाह पर हमारे द्वारा दिल्ली स्थित सर गंगाराम हॉस्पीटल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसका निधन हो गया। आरोपीगणों द्वारा एक राय होकर मेरे बेटे की हत्या की गई है। फरियादी की शिकायत पर से थाना ग्वालियर पुलिस द्वारा छः आरोपियों के विरूद्ध अप.क्र. 361/22 धारा 302,34 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। दौराने विवेचना क्राईम ब्रांच एवं थाना ग्वालियर की पुलिस की संयुक्त टीमों फरार आरोपीगणों की तलाश हेतु उनके छिपने के ठिकानों पर लगातार दबिस दी जा रही है।
सराहनीय भूमिकाः उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी ग्वालियर निरी0 दीपक यादव, थाना प्रभारी क्राईम ब्रांच निरी. डॉ. संतोष यादव क्राईम टीम से- उनि0 शैलेन्द्र शर्मा, म0प्रआर0 अर्चना कंषाना, प्रआर0 मुकेश चौहान, अनिल गुप्ता, आर0 प्रदीप यादव, रणवीर यादव, हरिओम व्यास, अभिषेक तोमर थाना ग्वालियर टीम से- उनि0 बलवीर सिंह मावई, प्रआर0 कमल परिहार, आर0 विवेक तोमर, अर्जुन सिकरवार, लोकन्द्र तोमर, धर्मेन्द्र सिकरवार की सराहनीय भूमिका रही।
