इंदौर के छावनी स्थित ब्राइट स्कूल में आज सुबह सैकड़ों छात्र परीक्षा से हुए वंचित वही प्रिंसिपल की मनमानी के चलते बालों को को हंगामा करने पर किया मजबूर दरअसल प्राइवेट स्कूल फीस के नाम से किस तरह से बच्चों को परेशान कर रही है इसका उदाहरण इंदौर के छावनी स्थित ब्राइट स्कूल में देख सकते हैं जहां अर्धवार्षिक परीक्षा को लेकर आए सैकड़ों छात्र फीस नहीं जमा करने के चलते एग्जाम नहीं दे पा रहे हैं वही प्रिंसिपल का कहना है कि जब तक फीस जमा नहीं होगी तब तक छात्रों को एग्जाम में बैठने नहीं दिया जाएगा जिसके बाद नाराज पालक ओने ब्राइट स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया ।
वही अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रिंसिपल आशीष वर्मा लगातार एग्जाम के समय ही फीस की डिमांड करते हैं और छात्रों पर दबाव बनाते हैं हालांकि कई अभिभावक प्रिंसिपल से मिलने की बात कर रहे थे लेकिन प्रिंसिपल ने मिलने से इंकार कर दिया जिससे नाराज अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया,,
छात्र का कहना है कि 15 सौ मात्र फीस बाकी है इस कारण गेट से बाहर कर दिया है और गेट पर ताला लगा दिया। लगभग ढाई सौ से 300 छात्र को प्रिंसिपल आशीष वर्मा द्वारा स्कूल से बाहर कर दिया और गेट पर ताला लगा दिया ।प्रिंसिपल का कहना है कि यह बच्चे अर्धवार्षिक परीक्षा को लेकर बार-बार इस समय पर भरने का बताया गया लेकिन प्रवेश पत्र के साथ बच्चे को अनुमति देती है उन्होंने कहा कि परीक्षा एक गंभीर विषय होता है इसलिए बच्चों को अंदर कॉरिडोर में नहीं आने देते हैं और बाहर रखते हैं प्रिंसिपल का कहना है कि बच्चों को शिक्षण में कभी नहीं रुकते हैं प्रिंसिपल ने कहा कि फेस नहीं भर पाते हैं तो मैं इनका प्रश्नपत्र आगे लूंगा।
वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार शिक्षा पर जोर देते हैं लेकिन एक और निजी स्कूल छात्रों के साथ इस तरह का भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रही है ओर एग्जाम से छात्रों को वंचित कर रही है अब देखने वाली बात यह है कि जिला शिक्षा विभाग द्वारा इस स्कूल पर इस तरह के कार्यवाही करता है।
