इंदौर में पत्थर मारकर कलेक्शन एजेंट की हत्या, शव बोरे में भरकर नाले में बहाया

By Abhishek Raghuvanshi
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Murder in Indore : इंदौर में पत्थर मारकर कलेक्शन एजेंट की हत्या, शव बोरे में भरकर नाले में बहाया

राजेंद्र नगर पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ा, आरोपितों ने रुपये लूटने के लिए हत्या करना कुबूला।
इंदौर में बंधन बैंक के कलेक्शन एजेंट हुकमसिंह वर्मा की उसके साथी असलम और नंदू ने ही हत्या कर दी। असलम ने भरोसे में लेकर घर बुलाया और सिर पर पत्थर मार दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए बोरे में भरकर नाले में बहा दिया। राजेंद्र नगर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने रुपये लूटने के इरादे से हत्या करना भी स्वीकार लिया है।

दुर्गानगर (एबी रोड) निवासी 25 वर्षीय हुकमसिंह पुत्र हजारीलाल वर्मा की 17 अगस्त को पत्नी किरण वर्मा ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। शुक्रवार दोपहर कमला नगर नाले में शव मिलने की सूचना पर पुलिस पहुंची और किरण से शिनाख्त करवाई। देर शाम पुलिस ने असलम पुत्र अजगर खान निवासी मुल्तानी नगर और नंदू उर्फ नंदकिशोर निवासी साईं विहार कालोनी को गिरफ्तार कर लिया।

रुपयों के लिए हत्या – एडिशनल डीसीपी जोन-1 जयवीरसिंह भदौरिया के मुताबिक आरोपित हुकमसिंह के परिचित हैं और रुपये एकत्र करने में उसकी मदद भी करते थे। असलम ने साजिश के तहत घर बुलाया और नंदू के सिर पर पत्थर से वार कर बेहोश कर दिया। नंदू ने उसका गला दबाया और हत्या कर शव को बोरे में बांध कर नाले में बहा दिया। आरोपितों ने यह भी बताया कि वे बैंक से अधिकृत तो नहीं लेकिन हुकम के कहे अनुसार रुपये एकत्र करते थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन रुपयों से कुछ रुपये कम जमा करवाए थे। उन्हें यह भी पता था कि हुकम के पास कलेक्शन की राशि रहती है। हत्या के बाद उससे रुपये लूट कर दोनों ने आपस में बांट लिए। शुक्रवार शाम हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल और विहिप पदाधिकारियों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर थाने में नारेबाजी की।

टीआइ बोले- डेढ़ सौ लोग लापता हैं, मैं किस-किस को ढूंढता रहूं
इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस की असंवेदनशीलता उजागर कर दी। हुकम 16 अगस्त को दोपहर करीब 1 बजे लापता हुआ था। करीब 4 बजे बैंककर्मी अंकित व रवि मैनेजर के साथ थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए लौटा दिया कि 24 घंटे बाद गुमशुदगी दर्ज होगी। देर रात हुकम के पिता हजारीलाल, भाई रामचरण और पत्नी किरण भी थाने आई लेकिन रिपोर्ट लिखने से इन्कार कर दिया। दूसरे दिन करीब साढ़े सात बजे थाने में गुमशुगदी दर्ज कि लेकिन प्रधान आरक्षक मनीष बमोरे ने जांच में रुचि नहीं दिखाई। पीड़ित पक्ष टीआइ मनीष डाबर से मिले तो उन्होंने कहा थाने में डेढ़ सौ गुमशुदगी दर्ज है। मैं किस-किस को ढूंढू।

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जिसने हत्या की उसे थाने बुलाया और बातचीत कर छोड़ा
घटना से नाराज हिंदूवादियों ने शुक्रवार शाम राजेंद्र नगर थाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। विभाग संयोजक तनु शर्मा, जिला संयोजक रामजी डांगी का आरोप है कि पहले ही दिन आरोपित असलम और उसके साथी जफर का नाम बताया था। लोकेशन भी दोनों की एक जगह की मिली थी। बार बार बताने के बाद भी प्रधान आरक्षक ने जांच नहीं की। शुक्रवार सुबह असलम को बुलाया लेकिन बातचीत कर रवाना कर दिया। दोपहर को शव मिलने के बाद अफसर घबरा गए और असलम व नंदू को गिरफ्तार कर लिया। इसके पूर्व पुलिस काल डिटेल में मिले नंबर के आधार पर एक महिला पर शक जता रही थी।

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