इंदौर – मित्रों आपने बड़ी उम्मीद और विश्वास के साथ मुझे जनसेवा का मौका दिया है, तो ये मेरा प्रथम कर्तव्य है कि मैं सबसे पहले इंदौर वासियों के उत्तम स्वास्थ्य के लक्ष्य को प्राथमिकता दूँ।
क्योकि स्वामी विवेकानंद जी का कथन है कि स्वस्थ मस्तिष्क और निरोगी काया व्यक्ति के लक्ष्यपूर्ति की प्रथम आवश्यकता है।
और मेरा मानना है कि मनुष्य के स्वास्थ्य का सीधा संबंध पर्यावरण से अर्थात वृक्षों से है। जितने स्वस्थ वृक्ष उतनी ज्यादा हरियाली, जितनी ज्यादा हरियाली उतनी ज्यादा ऑक्सीजन और जितनी ज्यादा ऑक्सीजन, उतना ही लम्बा मानव जीवन।
इसी बात को लेकर हमने ग्रीन इंदौर की दिशा में एक पहल की है। जिसका नाम है। ट्री एम्बुलेंस(पेड़ो का डॉक्टर)
एक ऐसी सेवा गाड़ी जिसका निर्माण, इंदौर नगर निगम की वर्कशॉप में ही किया गया है और जिसका लक्ष्य है पेड़-पौधों का लालन, पालन और संरक्षण। इस ट्री एम्बुलेंस में स्प्रिंकलर, पानी, खाद और दवाइयों के साथ वो तमाम साधन मौजूद होंगे जो वृक्षों की देखभाल करेंगे। कोई भी पेड़-पौधें जो सुख रहे है या पनप नही पा रहे है या उनके विकास में किसी तरह की समस्या है, कीड़े लग रहे है या खोखलें हो रहे है, तो ये ट्री एम्बुलेंस उन वृक्षों को चिन्हित कर उनका इलाज़ करेगी। उनपर आवश्यक जल, रसायन या अन्य किट नाशक का छिड़काव करेगी। जिससे वृक्ष पुनर्जीवित हो सके और पनप सकें।
मेरी कोशिश है कि इंदौर का हर एक पेड़ संरक्षित हो, पर्यावरण प्राण वायु से सुशोभित हो। जिससे हर इंदौरी का स्वास्थ्य सुरक्षित हो।
लेकिन “एक अकेला थक जाएगा मिलकर बोझ उठाना” वाले गीत को चरितार्थ करते हुए आप सभी हमारी इस मुहिम से जुड़े। ये समझना होगा कि वृक्षारोपण जितना ज़रूरी है उससे कहीं ज्यादा उसका पालनपोषण है। ये ट्री एम्बुलेंस तो अपना काम करेगी पर आप भी अगर अपने क्षेत्रों में ऐसी अवस्था मे वृक्ष देखे तो हमे बताए लेकिन उससे भी पहले हर नागरिक अपने-अपने गली,मोहल्ले और कालोनियों में स्वयं पेड़-पौधों को संरक्षित और पोषित करने का प्रयास करें। तब जाकर हमारी ये कोशिश सफल होगी और माता अहिल्याबाई बाई की ये नगरी वृक्षों वाली हरियाली नगरी भी बनेगी।इसी कामना के साथ कि लहलहाते वृक्ष चारों ओर मतलब स्वच्छ के साथ ग्रीन इंदौर
