डीआरपी लाइन में पुलिस पर पत्थर बरस रहे थे। उपद्रवी ताबड़तोड़ हमला कर रहे थे। इस पर पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले दागे, प्रदर्शनकारी जब नहीं माने तो जवानों ने उन्हें दौड़ाना शुरू किया, जमकर लाठियां भांजी गईं। यह कोई दंगा नहीं बल्कि डीआरपी लाइन में सोमवार से शुरू हुई बलवा ड्रिल के तहत किया गया अभ्यास था।
दरअसल, सार्वजनिक स्थान पर होने वाले उपद्रव में बनने वाली विपरीत परिस्थितियों में कैसे निपटना है और उसे कैसे नियंत्रित करना है, इसके लिए सोमवार को डीआरपी लाइन परिसर में बलवा ड्रिल का आयोजन हुआ। उपद्रव कर रहे लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। उनके ऊपर लाठियां भी भांजी गईं। इसमें आंसू गैस पार्टी, रायफल पार्टी, रिजर्व पार्टी, डॉक्टर पार्टी शामिल हुई। उन्हें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी। पत्थरों से जवानों पर हमला किया गया और फिर उन्हें उससे कैसे बचना है और उपद्रवियों को किस तरह कंट्रोल करना, यह सिखाया गया ताकि पुलिसकर्मी चुस्त-दुरुस्त व हर हालात से निपटने के लिए तैयार हो जाएं। इस दौरान मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मातहतों को आवश्यक टिप्स भी दिए। बलवा ड्रिल चार-पांच दिन तक चलेगी।
