DWC में AAP कार्यकर्ताओं की अवैध नियुक्तियों पर स्वाति मालीवाल की मुश्किलें बढ़ीं, आरोप तय करने का आदेश

By Abhishek Raghuvanshi
2 Min Read

दिल्ली महिला आयोग (डीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल मुसीबत बढ़ती दिख रही है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने डीडब्ल्यूसी में नियुक्तियों में गड़बड़ियों के मामले में स्वाति मालीवाल समेत चार पर आरोप तय करने का आदेश दे दिया है. मालीवाल पर महिला अधिकार निकाय में आप कार्यकर्ताओं को विभिन्न पदों पर नियुक्त करने का आरोप है.

स्पेशल जज दिग विनय सिंह की कोर्ट ने स्वाति मालीवाल के अलावा आयोग की सदस्य प्रोमिला गुप्ता, सारिका चौधरी और फरहीन मलिक पर आईपीसी की धारा 120 (बी) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 (2), 13(1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है.

जज ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि डीसीडब्ल्यू द्वारा अलग-अलग तिथियों पर आयोजित बैठकों की मिनट्स ऑफ मीटिंग्स पर सभी चार आरोपियों के साइन थे, जो प्रथम दृष्टया यह संदेह पैदा करता है कि विचाराधीन नियुक्तियां इन्हीं आरोपियों द्वारा की गई थीं. सभी के खिलाफ आरोप तय करने के लिए यह पर्याप्त सबूत है. उन्होंने कहा कि किसी भी आरोपी ने अवैध नियुक्तियों पर कभी आपत्ति नहीं की या असहमति नोट तक नहीं जारी किया बल्कि यह दावा किया गया कि उन बैठकों में सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए थे.

डीसीडब्ल्यू की पूर्व अध्यक्ष व भाजपा की पूर्व विधायक बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था. अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि 6 अगस्त, 2015 और 1 अगस्त, 2016 के बीच डीसीडब्ल्यू में 90 नियुक्तियां की गईं. इनमें 71 लोगों को अनुबंध जबकि 16 को ‘डायल 181’ संकट हेल्पलाइन के लिए नियुक्त किया गया

- Advertisement -
Exit mobile version