इन्दौर (15अप्रैल 2022)। सांदिपनी धाम लार्ड शिवा स्कूल परिसर, कुशवाह नगर में 11 अप्रैल से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कल भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के दौरान भक्त काफी देर तक नाचते-गाते रहे। जन्म प्रसंग के दौरान जैसे ही मथुरा की जेल में भगवान का जन्म हुआ वैसे ही माता देवकी और पिता वासुदेव की बेढिय़ा खुल गई और सारे द्वारपाल सो गए। नन्हे बालक को कंस से बचाने के लिए वासुदेव टोकरी में रखकर भगवान कृष्ण को गोकुल ले गए। भगवान के चरण छूने के लिए यमुना भी उफान पर आ गई। बादलों की गरज और बारिश के बीच शेष नाग ने अपने फन से भगवान को छांया दी। पूरे प्रसंग में कथा पांडाल एक तरह से मथुरा और गोकुलधाम जैसा हो गया।
संस्था सहयोग के अध्यक्ष आकाश पटेल, संयोजक अजय कुशवाह और सहसंयोजक विजय दुबे ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन उज्जैन के चारधाम मंदिर के श्री 1008 महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद गिरीज महाराज के मुखाग्रबिन्द से 11 अप्रैल से कुशवाह नगर में संगीतमय भागवत कथा सुनाई जा रही है। संस्था सहयोग द्वारा यह भव्य आयोजन किया जा रहा है। कल भगवान कृष्ण का जन्म प्रसंग महाराज ने सुनाया। इस दौरान पूरे पांडाल में भगवान के जन्मोत्सव का ऐसा नजारा था, जो देखते ही बन रहा था। मथुरा में मामा कंस की जेल में जन्म के बाद नन्हे बालक को बचाने के लिए वासुदेव उन्हें गोकुल ले गए और यहां से उसी दिन जन्मी कन्या को वापस जेल में ले आए। जिसे कंस ने मारना चाहा, लेकिन कन्या हाथ से छूट गई और आकाश में जाकर भविष्यवाणी करने लगी कि तेरा काल तो धरती पर जन्म ले चुका है और अब तु नहीं बचेगा। भगवान के जन्मोत्सव के दौरान पांडाल में भक्त घंटों तक झूमते-गाते हुए बधाई गीत गाते रहे। फूलों की वर्षा भी यहां होती रही। सभी एक-दूसरे को भगवान कृष्ण के जन्म की बधाईयां देते रहे।
आयोजन में मुख्य रूप से भाजपा नगर उपाध्यक्ष अशोक चौहान (चांदू), विनय कुशवाह, नरेन्द्र बौरासी, कांग्रेस नेता राजा कुशवाह सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ नागरिक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। महाआरती के बाद महाप्रसादी का वितरण किया गया।
