सूर्य ग्रहण किसके लिए अच्छा किसके लिए खराब

By Abhishek Raghuvanshi
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कल अमावस्या तिथि लगते ही ब्रिटेन से खबर आई की मेष राशि के भारतीय मूल के ऋषि सुनक का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है, तो तुरंत दिमाग ने ज्योतिष गुणा भाग प्रारंभ कर दिए। गूगल से पता चला ऋषि मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र के है जिसके की ठीक विपरीत राशि तुला एवं नक्षत्र स्वाति में प्रधान मंत्री बनना तय हुआ।

मेष सूर्य (सिंहासन) की उच्च की है तो तुला नीच की राशि है, क्योंकि तुला (तराजू) व्यापारियों का चिन्ह है, सूर्य और चंद्र दोनो ही वर्तमान में तुला राशि में है और ग्रहण भी उसी राशि पर लग रहा है, अतः ये तो तय है की व्यापार के लिए कहे या कहे इकोनॉमी के लिए ये ग्रहण बिलकुल ठीक नही, दूसरे पहलू से देखे तो इन ग्रह परिस्थितियों (अमावस्या एवं ग्रहण) में सत्ता प्राप्ति बहुत मजबूत (स्थाई) नही दिखाई देती ।

आज ग्रहण जिस नक्षत्र में लग रहा है वह भी है स्वाति जो की राहु का नक्षत्र है एवं सूर्य (सिंहासन) का परम शत्रु है। एक बात और समझे की सूर्य दो तरह से ग्रहण दोष का शिकार होता है, एक वो जब राहु से दूषित हो दूसरा जब वह केतु से दूषित हो, वर्तमान में अपनी नीच की राशि में केतु से दूषित होगा, ऐसा जब भी हुआ है छुपे शत्रुओ ने सत्ता को संकट या सरकारी तंत्र को चोट पहुंचाई है। आर्थिक व्यवस्था का चौपट होना एवं आम जन में भय व्याप्त होना भी इसी चोट का नतीजा होता है।

ये बात सिर्फ ब्रिटेन की ही नहीं देश में भी सरकारी तंत्र को यह ग्रहण परेशान करेगा, क्योंकि ग्रहण तुला राशि में है इसलिए उस परेशानी का सीधा संबंध व्यापार, व्यवसाय और व्यापारिक परिस्थितियों पर पड़ेगा, तुला में केतु होने की वजह से कई ऐसे घोटाले निकल कर सामने आ सकते हैं जो सरकारी तंत्र को परेशान करें, इस ग्रहण का असर सूर्य के तुला राशि में रहते हुए होने वाले चुनावों पर भी पड़ सकता है जो चौंकाने वाले सत्ता पक्ष के विपरीत परिणाम दे सकते हैं।

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कुछ ऐसे व्यापारिक घराने जिन का बड़ा नाम है उनसे जुड़ी नकारात्मक खबरें बाजार में आ सकती है, आम जन में भी कम से कम तुला, मेष, कुंभ और मिथुन राशि के लोगों को आने वाले दिनों में सावधान रहना चाहिए । तुला राशि में आने वाला एक अन्य नक्षत्र है चित्रा, इसे मूल्यवान धातु और वस्तुओं का नक्षत्र कहा जा सकता है इस नक्षत्र से जुड़े लोग बड़ी पहचान प्राप्त करते हैं क्योंकि यह नक्षत्र भी ग्रहण वाली राशि में ही पड़ता है अतः संभव है आने वाले समय में मूल्यवान धातु के व्यापार में बड़ी तेजी मंदी हो एवं उस व्यापार से जुड़े लोगों को किसी प्रकार की सरकारी परेशानियां झेलनी पड़े।

ग्रहण के चलते सड़क एवं वायु मार्ग की दुर्घटनाओं में भी कुछ इजाफा हो सकता है अतः संबंधित राशि के लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

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