सुहास भगत की भाजपा से रवानगी मैं इंदौर सेक्टर सबसे अहम

By Abhishek Raghuvanshi
9 Min Read

कोई माने या ना माने यह 100 फ़िसद सही है कि भाजपा के संगठन महामंत्री पद सेसुहास भगत की रवानगीमैं इंदौर की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रहीइंदौर के कुछ भाजपा नेताओं से भगत के निकटता जिस स्वरूप में संघ के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची रावण के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनी

गौरतलब है कि जो बातें नागपुर तक पहुंची थी उसकी तहकीकात इंदौर के ही संघ के कुछ दिग्गजों से ही करवाई गई और इसके जो निष्कर्ष निकला वही उनकी रवानगी का कारण बने बात कितनी बड़ी हुई थी उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संघ में वापसी के बाद भगत को मध्य क्षेत्र का बौद्धिक प्रमुख तो बनाया गया लेकिन मुख्यधारा से अलग करते हुए मुख्यालय जबलपुर कर दिया गया

भगोरिया में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का चुनावी अंदाज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस बाबा मोरिया में जिस तरह रह गए दिखे उससे यह स्पष्ट है कि भाजपा ने मालवा निमाड़ के आदिवासी सीटों पर 2013 के नतीजों को दोहराने की तैयारी शुरू कर दी है दरअसल 2018 के चुनाव में मालवा निमाड़ की आदिवासी सीटों पर बुरी तरह शिकस्त खाने के कारण ही भाजपा को सत्ता से बाहर ना पड़ा था

इन सीटों पर भाजपा के वापसी के लिए संघ को अभी से मैदान संभल चुका है लेकिन मुख्यमंत्री भी कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं यही कारण है कि थांदला के भगोरिया में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद मुख्यमंत्री बड़वानी के पार्टी भी पहुंचे और परंपरागत आदिवासी परिधान में मामा के मामा बनते नजरआए

- Advertisement -

कमलनाथ दिल्ली गए तो कांग्रेस के 20 से ज्यादा विधायक भाजपा में
मध्यप्रदेश में ही पूरी तरह रम कमलनाथ के दिल्ली जाने की चर्चा फिर चल पड़ी है यह तय है कि यदि वे दिल्ली गए तो फिर मध्य प्रदेश के 20 से ज्यादा कांग्रेस विधायक भी पाला बदलने में देर नहीं करेंगे इनमें से ज्यादातर विधायक है

जो पहली बार चुने गएहै या विधायक जब भी भोपाल में होते हैं एक दूसरे के संपर्क में रहता है और दावत करने में भी पीछे नहीं रहते या विधायक मानते हैं कि यदि कमलनाथ दिल्ली चले गए तो फिर मध्यप्रदेश में इनका कोई धणी धोरी नहीं बचेगा अपनी भावनाओं को यह पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंचा चुके हैं

मध्य प्रदेश भाजपा में लंबे समय बाद समाप्त होगा 50-50 का दौर
आने वाले समय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा बदले अंदाज में नजर आए तो चौक ने की जरूरत नहीं इसका मुख्य कारण होंगे पार्टी के नवनियुक्त संगठन महामंत्री हित आनंद शर्मा पुराने संगठन महामंत्री सुभाष भगत के साथ शर्मा की ट्यूनिंग एक घोषित मजबूरी थी और इसका फायदा दोनों को ही मिला है

नए संगठन महामंत्री के साथ शर्मा का तालमेल बहुत अच्छा है दोनों एक दूसरे के हितों को बहुत अच्छे से समझते हैं मैदानी स्तर पर अपने नेटवर्क को बहुत मजबूत कर चुके प्रदेश अध्यक्ष शर्मा का सौदा हुआ साथ मिलने के कारण संगठन में भी बहुत मजबूत हो जाएंगे कुल मिलाकर भगत के जाने के बाद संगठन में 50-50 का दौर अब समाप्त हो जाएगा और प्रदेश अध्यक्ष की पसंद को ज्यादा तवज्जो मिलने लगेगी बावजूद इसके भगत समर्थकों को निराश होने की जरूरत नहीं

इस विवाद में सबसे ज्यादा फजीहत डॉ विक्रांत भूरिया कि है
कांग्रेस मंडल और सेक्टर के साथ ही बूथ स्तर पर मजबूत करने में लगे कमलनाथ के लिए झाबुआ अलीराजपुर जिले की कांग्रेश राजनीति में इन दिनों जो चल रहा है वह बड़ी चिंता का विषय है यह जोबट का भगोरिया वाले दिन जो कुछ हुआ उससे साफ हो गया हैकि आप कांतिलाल भूरिया और महेश पटेल के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है

आप तो कांग्रेस से बाहर किए जाने के बाद महेश और खुले हो गए हैं भूरिया विरोधी धडे को उनका बाहर से समर्थन मिलना तय है भाजपा के लिए भी महेश को साधना ज्यादा मुश्किल कम नहीं है ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान डॉ विक्रांत भूरिया को सोना है जो आने वाले समय में झाबुआ रतलाम क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं देखते रहिए आगे क्या होता है

मंत्री भदोरीय के प्रिय पात्र नरेश पाल पर भारी पड़े एमबी ओझा
साल पहले जब आईएएस अफसर एमबी ओझा ग्वालियर के संभाग आयुक्त पद से सेवानिवृत्त हुए थे तब से उनके पुनर्वास की चर्चा चल रही थी अलग-अलग पदों के लिए उनका नाम चर्चा में था लेकिन बात बन नहीं रही थी ओझा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बहुत पसंदीदा अवसर में से एक है और मुख्यमंत्री की पसंद के चलते ही उन्हें राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण जैसी महत्वपूर्ण संस्था को लेट करने का मौका दिया गया है वित्त मंत्री अरविंद सिंह भदोरिया या अपने पसंदीदा अफसर नरेश को काबिज करवाना चाहते थे लेकिन जो स्थित इंदिरा मुख्यमंत्रियों बदरिया के पीछे उसके चलते उन्हें सफलता नहीं मिली

पुलिस मुख्यालय में बरकरार है एडीजी आदर्श कटियार का दबदबा
ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर के कहावत का अनुसरण करने के कारण ही आईपीएस अफसर आदर्श कटियार सत्ता क्या हर दौर में मानसून भूमिका में है कुछ ऐसी स्थिति उनके साथ पुलिस मुख्यालय में है चाहे विवेक जौहरी डीजीपी रहे हो या फिर नए डीजीपी सुधीर सक्सेना पुलिस मुख्यालय में कटिहार का दबदबा बना रहा है

कहा यहां जा रहा है कि केंद्र से प्रतिनियुक्त पलटने के बाद मध्य प्रदेश के डीजीपी की कमान संभालने वाले सक्सेना एडीजी एंटी की भूमिका निभा रहा है यार पर बहुत भरोसा कर रहे हैं और फील्ड के मामले में जो इनपुट उनसे मिल रहा है उसी से मैदानी पदस्थापना वाले अक्षरा का भविष्य तय होता नजर आ रहा है

चलते चलते
तत्कालीन डीजीपी बिजोरी की इच्छा के विरुद्ध मुरैना के एसपी बने और डीआईजी पद पर पदोन्नति के बाद भी कुछ महीने वहीं पर खड़ा रहे आईपीएस अफसर ललित शाक्यवार भले ही आप पुलिस मुख्यालय में आए गए हो लेकिन जो कागज डीजीपी रहते हैं जॉली आईडी बनाए गए थे वहां उनके लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं

पुछल्ला
या तो गांधी भवन के वास्तविक में दोष है या फिर पति के साथ कोई दूरयोग जुड़ा है यह उजागर सिंह और प्रमोद टंडन के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बैठने वाले विनय बाकलीवाल भी परेशानी में आ गए हैं मुंबई में हुई एक बड़ी सर्जरी के बाद बाकलीवाल इन दिनों इंदौर में घर पर ही आराम कर रहे हैं

  • अब बात मीडिया की
  • दैनिक भास्कर का सिटी संस्कृत सिटी भास्कर ऑफ डिजिटल फॉर्मेंट पर भी देखने को मिलेगा अंकिता जोशी और अभिषेक दुबे को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए भी मशक्कत करना होगी
  • मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के पहले दैनिक भास्कर अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म सर्वोच्च प्राथमिकता पर रख रहा है
  • पत्रिका नई दुनिया में आने वाले समय में बड़े बदलाव की आठ है इसमें वरिष्ठ स्तर के कई साथी प्रवाहित हो सकते हैं
  • अग्निबाण पत्र समूह अब होटल इंडस्ट्री में अभी प्रवेश कर गया है समूह के पहले होटल का शुभारंभ पिछले दिनों इंदौर में हुआ
अरविंद तिवारी
Exit mobile version