- शहर के बाद अब ग्रामीण स्टार्टअपस की बारी
- लोक संस्कृति मंच का आयोजन
- महिला दिवस पर होगा कार्यक्रम
- ग्रामीण महिलाओं को स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहन
- शांतु संपत्ति चेरिटेबल ट्रस्ट भी सहयोगी
8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु उल्लेखनीय ग्रामीण परिवेश में कार्यरत महिलाओं को ‘ग्रामीण गौरव सम्मान’ दिया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत प्रथम केटेगरी में गौधन संवर्धन, कृषि व गौसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली मातृशक्ति को ‘गौधन सम्मान’ दिया जायेगा। साथ ही, द्वितीय केटेगरी में आत्मनिर्भर-भारत के निर्माण हेतु ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के उल्लेखनीय योगदान हेतु ‘नारी कौशल सम्मान’ दिया जायेगा। रुरल स्टार्टअप को दिया जाने वाला ये अभिनव व अनूठा पुरस्कार होगा।
लोक संस्कृति मंच के सरंक्षक सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को ये सम्मान दिया जाएगा।
लोक संस्कृति मंच आत्मनिर्भर भारत प्रशिक्षण केंद्र की संचालिका एकता मेहता ने बताया कि इस पुरस्कार का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु ग्रामीण क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति का अभिनन्दन है।
आमतौर पर शहरी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का सम्मान होता है लेकिन गांव की बेहतरी के लिए काम करने वालों का ये अनूठा सम्मान है।
