श्रीलंका में 20 जुलाई यानी कल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। इससे ऐन पहले विपक्षी पार्टी समागी जन बालवेगया (SJB) के नेता साजिथ प्रेमदासा ने अपनी राष्ट्रपति पद से उम्मीदवारी वापस लेने से ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने दुल्लास अल्हाप्परुमा को समर्थन देने का फैसला किया है।
प्रेमदासा ने सोशल मीडिया पर लिखा- अपने देश की भलाई के लिए जिसे मैं प्यार करता हूं और जिन लोगों से मैं प्यार करता हूं, मैं राष्ट्रपति पद से अपनी उम्मीदवारी वापस लेता हूं। समागी जन बालवेगया और हमारा गठबंधन दुल्लास अल्हाप्परुमा को चुनाव जिताने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।
राष्ट्रपति पद के लिए आज हो रहा नॉमिनेशन
श्रीलंका में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए नॉमिनेशन की प्रक्रिया आज सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है। प्रेमदासा की उम्मीदवारी वापस लेने के बाद अब कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (SLPP) दुलस अल्हाप्परुमा और और जनता विमुक्ति पेरामुना (JVP) नेता अनुरा कुमारा में मुकाबला होगा।
आर्थिक और राजनीतिक उठापटक के बीच जनविद्रोह के कारण गोटबाया राजपक्षे के देश छोड़कर सिंगापुर भाग गए थे। जिसके बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया। हालांकि, अब कल पूर्णकालिक राष्ट्रपति के लिए चुनाव होगा।
सीक्रेट वोट के जरिए होगा राष्ट्रपति चुनाव
श्रीलंका में 44 साल बाद सीक्रेट वोटिंग के जरिए राष्ट्रपति चुना जाएगा। स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने ने कहा कि 225 सदस्यीय संसद में 20 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव होगा। बता दें कि 1978 के बाद पहली बार देश में जनादेश के माध्यम से नहीं, बल्कि राष्ट्रपति का चुनाव सांसदों के सीक्रेट वोट के माध्यम से होगा। आर्थिक संकट से गुजर रहे हालातों को देखते हुए और जन विद्रोह को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
