सामूहिक दुष्कर्म का मामला अंतिम सांस तक की सजा सुनाने के कारण चर्चा में आ गया है। नौ साल पुराने इस केस की गुत्थी जोन-4 के डीसीपी एएसपी राजेश कुमारसिहं ने सुलझाई थी। सिंह उस वक्त पश्चिम क्षेत्र के एएसपी थे। उस वक्त रालामंडल में दरिंदे कई लड़कियों से दुष्कर्म करते थे लेकिन बदनामी के डर से कोई शिकायत ही नहीं करता था। पीड़िता भी सामूहिक दुष्कर्म नहीं बल्कि प्रेमी के खिलाफ शिकायत करने थाने पहुंची थी।
मैं उस वक्त रुटीन दौरे पर भंवरकुआं थाने में बैठे हुए अनिधस्थों से चर्चा कर रहा था। तभी एक युवती वकील सुषमा और आशा के साथ थाने पहुंची। उसने थाना प्रभारी से मुलाकात की और कहा उसके प्रेमी अभिनव ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। युवती सिविल जज की तैयारी कर रही थी। थाना प्रभारी पीड़िता को मेरे समक्ष लेकर आए और मैंने महिला वकीलों व पुलिस अफसरों के समक्ष उससे बातचीत की। वह घटना बताते बताते रोने लगी। मैं कुछ समझ नहीं पाया। तब वकील मित्रों ने बताया कि लड़की के साथ अभिनव ही नहीं बल्कि सात लोगों ने बारी बारी से दुष्कर्म किया है। अभिनव से उसकी दोस्ती है। वह उसके साथ कार में संबध बना रहा था।
तभी आरोपित आ गए और सामूहिक दुष्कर्म किया। अभिनव ने यह कहते हुए एफआइआर से इन्कार कर दिया कि वह शादी कर लेगा। अगर रिपोर्ट लिखवाई तो बात उजागर हो जाएगी। सिंह ने महिला अफसर को बयान लिखने के निर्देश दिए और आरोपितों को पकड़ने के लिए टीमें रवाना कर दी। दो दिन बाद ही पुलिस ने छोटेलाल राजपूत सहित विनोद,जीवन व अन्य को गिरफ्तार कर लिया।
प्रेमी जोड़ों को बंधक बना दुष्कर्म करते थे दरिंदे
पीड़िता विष्णुपुरी में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। अभिनव से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह उसके साथ घुमने जाया करती थी। तीन फरवरी 2013 को भी अभिनव उसे घुमाने लेकर गया था। उसने कार में पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बना लिए। आरोपितों ने उन्हें निर्वस्त्र अवस्था में देख लिया और बंधक बना कर पीड़िता से दुष्कर्म किया। पूछताछ में बताया वह इसी तरह प्रेमी जोड़ों को निशाना बनाते थे। उनका वीडियो भी रिकार्ड कर लेते थे। पीड़िता अभिनव के कहने पर उस दिन रिपोर्ट करने नहीं आई। अभिनव ने कहा था कि वह शादी कर लेगा। रिपोर्ट लिखवाने से बदनामी होगी, लेकिन बाद में वह पलट गया और पीड़िता तको थाने पहुंचना पड़ा।
