पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी की जयंती विशेष : अटलजी को था गांव, गरीब और किसानों से बेहद लगाव, स्वराज के बाद सुशासन लाने में बड़ा योगदान

By Abhishek Raghuvanshi
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25 दिसंबर को अटलजी का जन्म दिन है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह दिल्ली स्थित अटलजी के समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।

भाजपा के पितृ पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को आज देश याद कर रहा है। गांव, गरीब व किसान उनके जेहन में बसते थे। देश की सियासत में अटलजी का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। भाजपा के मौजूदा विशाल स्वरूप में उनका बड़ा योगदान है। आजादी के आंदोलन से मिले स्वराज को उन्होंने सुशासन में रूपांतरित करने में अहम भूमिका निभाई।

25 दिसंबर को अटलजी का जन्म दिन है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह दिल्ली स्थित अटलजी के समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे।

अटलजी का पैतृक गांव यूपी के आगरा जिले में बटेश्वर था। एक बार जब इसे लेकर उनसे सवाल किया गया तो अटलजी ने तपाक से कह दिया था, पूरा देश ही मेरा गांव है। पूर्ववर्ती जनसंघ के चुनिंदा नायकों में शुमार रहे अटलजी के रग रग में देशभक्ति बसी थी। वे हमेशा देशवासियों के दिलों में छाए रहे। वे हमेशा ओजस्वी भाषण शैली, धीर गंभीर प्रवृत्ति, राजनीतिक विचारक और विचारधारा व राष्ट्र के प्रति जीवन के समर्पण लिए याद किए जाएंगे। अटलजी का नाम भाजपा ही नहीं कांग्रेस समेत अनेक दलों के नेता व कार्यकर्ता भी आदर से लेते हैं।

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