दरअसल, बुधवार को कमलनाथ ने उमेश शर्मा को श्रद्धांजलि देने के साथ ही मुख्यमंत्री के पर निशाना साधते हुए कहा था कि जब उमेश शर्मा का निधन हुआ था, तब मुख्यमंत्री इंदौर में ही मौजूद थे और भाजपा के ही कार्यक्रम में शामिल होकर तालियां बजवा रहे थे। उनमें संवेदनशीलता नहीं है। इस बयान का जवाब देते हुए भाजपा के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे का कहना है, कि कमलनाथ दूसरों को ज्ञान देने से पहले खुद को देखे, क्योंकि वे खुद ही अपने कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के पिता के निधन होने एक महीने बाद श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जैसे ही उमेश शर्मा के निधन का जानकारी लगी, वे अस्पताल पहुंचे और उन्होंने शर्मा के परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। भाजपा के तमाम बड़े नेता मौजूद थे। लिहाजा, इस तरह की बयानबाजी कमलनाथ को शोभा नहीं देता है।
