पितृ पक्ष के पावन अवसर पर रघुवंशी कालोनी स्थित श्री राम मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा था कथावाचक पंडित मनोज भार्गव द्वारा भक्तों को कथा का रसपान कराया जा रहा था अंतिम दिन कथा में भगवान श्री कृष्ण के 16108 विवाह की कथा, जरासंध वध , सुदामा चरित्र और भगवान श्री कृष्ण का स्वधाम गमन और शुक्रदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को भागवत जी का अंतिम उपदेश की कथा का श्रवण कराया गया कथा के पावन पूजन के साथ ही कन्या भोज व भंडारे का आयोजन किया गया आयोजक संजय रघुवंशी ने बताया श्राद्ध पक्ष के मौके पर श्री राम मंदिर में भागवत कथा संपन्न हुई पंडित मनोज भार्गव ने भक्तों को भाग्य और ज्ञान के बीच का अर्थ समझाते हुए उनका मार्गदर्शन किया वह बताया कि हम जैसा कर्म करते हमें फल भी वैसा ही मिलता है
कथा के मध्य पूज्य महाराज कथावाचक पंडित श्री मनोज भार्गव ने पितृपक्ष में कथा श्रवण कर रहे सभी भक्तों को पितरों को प्रसन्न करने का विशेष उपाय बताया व साथ ही कहा हमारे देश में ऐसे बहुत से घर हे जहा श्राद्ध नहीं किया जाता लोग अपने पितरों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते जिसके कारण उन्हें जीवन भर दुख भोगना पड़ता है व परेशानियां उठानी पड़ती है
