महाकालेश्वर मंदिर से श्रावण मास में बाबा महाकाल की पहली सवारी धूमधाम से निकली । पूर्व परंपरा के अनुरूप सभा मंडप में बाबा का मनमहेश रूप में साज श्रृंगार हुआ और बाबा को मुख्य द्वार पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
कलेक्टर आशीष सिंह ने सहपरिवार बाबा महाकाल पूजा अर्चन किया। विधिविधान से पूजन अर्चन के बाद बाबा की सवारी शिप्रा घाट की और रवाना हुई। सवारी की शान बढाते हुए सबसे पहले अश्वारोही दल ,नगर सैनिक , और सशस्त्र बल की टुकड़ी मार्च पास्ट करते हुए चल रही थी ।
शिप्रा तट पर पहंुचते ही सवारी में बाबा महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया और फिर सवारी गोपाल मंदिर की और रवाना हुई।
लंबे इंतजार के बाद सवारी में शामिल हुए लोग
दो साल से कोरोना के के प्रतिबंधों के चलते बाबा की सवारी में लोग शामिल नहीं हो पाए थे। यही वजह है कि इस बार बाबा की सवारी देखने के लिए हर बार की तुलना में कहीं अधिक श्रद्धालु पहुंचे ।
श्रावण मास की वजह से भारी तादाद में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे । देर रात से लोग भस्म आरती दर्शन के लिए कतार में लग गए थे। देर रात ढाई बजे ही मंदिर के पट के खोल दिए थे ताकि लोग दर्शन कर सके ।
