दिल्ली में हथियार कांड में पकड़े गए राहुल सिंह धार जिले में अतिथि शिक्षक हैं, अब तक कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं

By Abhishek Raghuvanshi
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Rahul Singh who was caught in the arms scandal in Delhi is a guest teacher  in Dhar district no criminal record yet

दिल्ली में हथियार कांड में पकड़े गए मध्य प्रदेश्ा के धार जिले के ग्राम बारिया निवासी राहुल सिंह छाबड़ा गांव में अतिथि शिक्षक हैं। गंधवानी थाना प्रभारी एस बिरथरे के मुताबिक किसी ने राहुल सिंह का गलत नाम ले लिया और पुलिस उसे पकड़ कर ले गई। राहुल सिंह का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। उसके पिता किराना व्यवसायी हैं। थाना प्रभारी के अनुसार इस मामले को लेकर दो गांव के लोगों के बीच विवाद भी हुआ है कि राहुल सिंह का नाम गलत बताया गया है। राहुल यहां अपने समाज की युवा इकाई का प्रदेश अध्यक्ष है व सामाजिक रूप से सक्रिय है।
मप्र के कई जिलों में बड़े पैमाने पर बनते हैं अवैध हथियार मध्य प्रदेश के धार, बुरहानपुर, बड़वानी व खरगोन जिले में बड़े पैमाने पर अवैध हथियार बनाए जाते हैं। इन जिलों में सिकलीगरों के समूह सक्रिय हैं। धार जिले के गांव बारिया व लालबाग के पास स्थित जंगल में अवैध हथियार बनाने का काम होता है। बीते वर्ष स्थानीय पुलिस ने जिले से 10 लोगों को पकड़कर इनसे करीब 50 अवैध हथियार भी जब्त किए थे।

इसी तरह बुरहानपुर जिले के खकनार थाना क्षेत्र का पाचोरी गांव देशभर में अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई के लिए कुख्यात है। यहां देशी कट्टे से लेकर आटोमेटिक पिस्टल तक बनाई जाती है। समीपस्थ जिले बड़वानी में अवैध हथियार बनाने का सबसे बड़ा केंद्र वरला थाना क्षेत्र का उमर्टी गांव है। इसके अतिरिक्त पलसूद, उंडी खोदरी, नवलपुरा व बिलवा में भी सिकलीगर लोग अवैध हथियार बनाते हैं।

पुलिस यहां से अवैध पिस्टल से लेकर कार्बाइन तक बरामद कर चुकी है। खरगोन जिले के सिगनुर, भगवानपुरा, धुलकोट, काजलपुरा सहित 15 गावों में अवैध हथियार बनाए जाते हैं।इन सभी जिलों से उत्तर प्रदेश्ा, दिल्ली, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब आदि राज्यों में अवैध हथियार सप्लाई किए जाते हैं। पुलिस ने सिकलीगरों का नेटवर्क कई बार तोड़ा, लेकिन वैकल्पिक रोजगार के अभाव में सिकलीगर फिर अवैध हथियार बनाने लगते हैं।

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