जिस अज्ञात लाश को ढकने के लिए पुलिस को बहन ने चादर दी वह लाश निकली उसी के छोटे भाई

By Abhishek Raghuvanshi
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जिस अज्ञात लाश को ढकने के लिए पुलिस को बहन ने चादर दी थी उसे क्या मालूम था, वह अज्ञात लाश किसी और कि नहीं उसी के छोटे भाई की है, चादर देकर मृतक का परिवार किसी और की अंत्येष्टि में निकल गया, लेकिन इस बात से अनजान बेफिक्र की बेटा पास ही के घर में सोने के लिए गया था जो अब मौत की गोद में सो रहा है।

यह किस्सा इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र का है, जहां 25 मार्च को अन्नपूर्णा पुलिस को सूचना मिली थी कि केसर बाग रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अज्ञात युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई है। यह सूचना ट्रेन के ड्राइवर द्वारा पुलिस को मुहैया कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के इलाके में छानबीन करना शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के रहवासियों से पूछा कि कोई युवक गुमशुदा हुआ है। किसी को यह जानकारी है कि जिस युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई है उसकी पहचान क्या है। बल्कि पुलिस के जवान उस युवक के घर तक पहुंचे, जहां बहन मनीषा पवांर ने घर से अज्ञात शव को ढकने के लिए चादर दी, लेकिन यह नहीं सोचा कि अज्ञात शव उसके भाई का है, क्योंकि उसे तो पता था उसका भाई दिलीप राठौर कुछ देर पहले ही परिवार के साथ भोजन करने के बाद पास ही के घर में सोने के लिए गया है।

इधर पुलिस ने अज्ञात लाश समझकर पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली मौत को 4 दिन हो चुके परिवार का कोई ठिकाना नहीं ना किसी ने तस्दीक की और ना ही किसी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई आखिरकार पुलिस ने नगर निगम को सूचित किया और अज्ञात शव को दफनाने की तारीख तय कर ली गई सोमवार अचानक जब जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम होने के बाद शव को दफनाने के लिए ले जाने ही वाले थे तभी अचानक परिजनों को सूचना मिली कि जिला अस्पताल में एक डेड बॉडी पड़ी हुई है संभवत वह बॉडी दिलीप राठौर की बताई जा रही है, सूचना मिलते ही परिवार के लोग सीधे जिला अस्पताल और थाने पर पहुंचे जहां उन्हें जानकारी मिली कि जिस शव को अज्ञात समझकर उन्होंने ढकने के लिए चादर दी थी वही चादर भाई को कफन बना कर ओढ़ा दी गई है

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