
कलेक्टर मनीष सिंह ने सभी एसडीएम को आज सुबह निर्देश दिए कि वे एससी-एसटी और ओबीसी सरकारी होस्टलों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें और रोजाना शाम 5 से 7 बजे के बीच उन्हें उसकी रिपोर्ट दें . कलेक्टर ने खुद आधा दर्जन से अधिक गर्ल्स होस्टलों की आकस्मिक जांच की है , जिसमें भोजन की गुणवत्ता से लेकर कई अनियमितताएं मिली , जिसके चलते उन्होंने जिम्मेदारों को फटकार भी लगाई।
कलेक्टर मनीष सिंह ने सोमवार को सुदामा नगर स्थित आदिम जाति कल्याण के किराए की बिल्डिंग में चल रहे हॉस्टल का अवलोकन किया था और वहां की छात्राओं से जब पूछा तो उन्होंने बताया कि भोजन अच्छा नहीं मिलता और चावल भी एक समय देते हैं। तब कलेक्टर ने अधीक्षक को फटकार भी लगाई और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं आज सुबह कलेक्टर ने सभी एसडीएम को कहा कि वे रोजाना दो एससी-एसटी और ओबीसी सरकारी होस्टलों का निरीक्षण करें और अन्य होस्टलों में तहसीलदार को भी निरीक्षण के लिए भेजें। कलेक्टर ने किन बिन्दुओं पर होस्टलों की जांच करना है , उसकी भी जानकारी एसडीएम को दी है , जिसमें भोजन की गुणवत्ता, चावल, दूध और सब्जियां रोजाना कितनी मात्रा में छात्राओं को दी जा रही है के अलावा बाथरुम की सफाई और उनकी स्थिति क्या है , टूथपेस्ट, ब्रश, तेल व अन्य सामग्री के लिए भी वार्डन को 10 फीसदी राशि दी जाती है , उसका कितना उपयोग वास्तव में हो रहा है? पानी-बिजली सप्लाय की क्या स्थिति है? अगले 15 दिनों तक सभी एसडीएम 100 फीसदी होस्टलों का निरीक्षण करेंगे और संबंधित स्टाफ के खिलाफ अगर कार्रवाई की जाना है तो उसकी भी रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौपेंगे और रोजाना शाम 5 से 7 के बीच कलेक्टर को उस दिन किये निरीक्षण की जानकारी भी फोन पर देंगे .