इंदौर में मां अन्नपूर्णा के आंगन में 26 मार्च से साध्वी ऋतंभरा सुनाएंगी रामकथा

By Abhishek Raghuvanshi
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  • अन्नपूर्णा के आंगन में होगी साध्वी ऋतम्भरा की रामकथा कई मायनों में विशिष्ट होगी
  • सातों दिन अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों का अभिनंदन भी होगा – शुभारंभ मानस कलश यात्रा से

इंदौर, 5 मार्च। अन्नपूर्णा आश्रम परिसर में 26 मार्च से 1 अप्रैल तक राष्ट्रसंत साध्वी ऋतंभराजी के श्रीमुख से होने वाली रामकथा कई मायनों में विशिष्ट होगी। यह कथा अन्नपूर्णा के भव्य और नए मंदिर के निर्माण में सहयोग के लिए तो होगी ही, इस अवसर पर सातों दिन शहर के अलग-अलग वर्ग के लोगों का सम्मान भी होगा। कथा का शुभारंभ पहली बार मानस कलश यात्रा के साथ होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु रामचरित मानस को अपने मस्तक पर धारण कर चलेंगे।

आज अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामकथा के लिए अन्नपूर्णा आश्रम परिसर में महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि, महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी चेतन स्वरूप एवं महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मणानंद महाराज के सानिध्य में हुए भूमि पूजन समारोह में विभिन्न वक्ताओं ने उक्त संकल्प व्यक्त किए। समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल, दिनेश मित्तल, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, पवन सिंघानिया, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विहिप के प्रांतीय संगठन मंत्री नंददास दंडोतिया, महंत गिरधारीलाल गर्ग, प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी, विहिप के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हुकमचंद सावला, वरिष्ठ पत्रकार कृष्णकुमार अष्ठाना, राष्ट्र कवि पं. सत्यनारायण सत्तन, अ.भा. क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष ठा. विजयसिंह परिहार, अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंघल, पूर्व पार्षद दीपक जैन टीनू, अमिता पांचाल, माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश मूंगड़ सहित अनेक विशिष्टजनों की मौजूदगी में आचार्य पं. कल्याणदत्त शास्त्री एवं अन्य विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन संपन्न कराया। इसके बाद आयोजित समारोह में आयोजन समिति की ओर से विनोद अग्रवाल, रूपकुमार माहेश्वरी, संजय बांकड़ा, श्याम सिंघल, मनोज जैन, मनोज अग्रवाल, अवधेश यादव, सुशील बैरीवाला, किशोर गोयल, सत्यनारायण शर्मा, गोपालदास मित्तल, राधेश्याम बागवाला आदि ने सभी अतिथियें का स्वागत किया। स्वागत भाषण संजय बांकड़ा ने दिया।

इस अवसर पर कथा संयोजक कवि मुकेश मोलवा ने बताया कि अयोध्या में रामलला के मंदिर के निर्माण का शुभारंभ होने के बाद यह पहली कथा होगी, जिसका शुभारंभ शहर में मानस कलश यात्रा के साथ होगा। इस मौके पर 26 मार्च को पहले दिन वाल्मिकी समाज के बंधुओं का, 27 को गो सेवकों का, 28 को भील और आदिवासी बंधुओं का, 29 को अयोध्या गए कारसेवकों का, 30 को शहर को पांचवीं बार स्वच्छता में नंबर वन का खिताब दिलाने वाले सफाई योद्धाओं का, 31 को भूतपूर्व सैनिकों का और 1 अप्रैल को समापन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में समाजसेवा करने वाले विशिष्ट लोगों का मंच से अभिनंदन भी किया जाएगा।

आश्रम के भक्त मंडल के किशोर गोयल ने बताया कि आयोजन की दिव्यता को देखते हुए विभिन्न समितियों का गठन भी किया जाएगा, जिनमें सहयोग देने वाले बंधुओं के नाम आमंत्रित किए गए हैं। आश्रम के ट्रस्टी श्याम सिंघल ने बताया कि कथा के आयोजन पर करीब सवा करोड़ रु. खर्च होने का अनुमान है। शहर के उदारमना बंधु खुले मन से इस सदकार्य में भागीदार बन रहे हैं। आश्रम के ट्रस्टी और आयोजन समिति के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि अन्नपूर्णा के नए मंदिर के निर्माण पर लगभग 20 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने का अनुमान है। महामंडलेश्वरजी की अभिलाषा है कि नया मंदिर फरवरी 2023 में मंदिर के स्थापना दिवस के पूर्व बनकर तैयार हो जाए। इस काम में शहर के सभी समाजों और व्यापारिक संगठनों से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि हनुमानजी का जितना सहयोग होता है, उतना एक गिलहरी का भी होता है। इस दिव्य आयोजन में हम चाहते हैं कि शहर का हर व्यक्ति जुड़े और अपनी आस्था व्यक्त करे।

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महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि ने कहा कि अन्नपूर्णा का भव्य मंदिर बन रहा है, यह शहर का सबसे दिव्य स्थान बने इसके लिए सबका सहयोग मिलना चाहिए। त्रयम्बकेश्वर में नया मंदिर बनने में दस वर्ष लगे लेकिन यहां का मंदिर दो वर्ष में बनकर तैयार होने की उम्मीद है। इस कथा और मंदिर के आयोजन में शहर के सभी लोग जुड़े और तन, मन, धन से भागीदार बनें यही हमारी मनोकामना है। संचालन कवि मुकेश मोलवा ने किया और अंत में आभार माना मनीष बिसाणी ने।

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