
राज्य शासन के आदेश के बावजूद इंदौर जिले में अधिकांश कर्मचारियों, शिक्षकों एवं अध्यापक संवर्ग को कोविड-19 के दौरान रोकी गई वार्षिक वेतन वृद्धि के 50 प्रतिशत राशि का एरियर भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इसका भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। अब शीघ्र भुगतान की मांग को लेकर लोक शिक्षण आयुक्त एवं इंदौर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। फिर भी अगर भुगतान नहीं होता है तो शिक्षक आंदोलन करने की भी योजना बना रहे हैं।
मध्य प्रदेश शासकीय अध्यापक संगठन के प्रदेश प्रवक्ता एवं पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के जिला अध्यक्ष दिनेश परमार ने बताया कि कोरोना काल अवधि के दौरान राज्य कर्मचारियों की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक ली गई थी। बाद में शासन ने जुलाई 2021 में रनिंग वार्षिक वेतन वृद्धि के साथ जोड़कर तत्संबंधी वेतन के भुगतान दो किस्तों ( 50-50 प्रतिशत ) में एरियर भुगतान करने के निर्देश दिए थे । लेकिन अभी तक इंदौर जिले में अधिकांश कर्मचारियों एवं शिक्षकों को प्रथम किस्त की 50 प्रतिशत राशि का एरियर भुगतान नहीं हुआ है, जबकि द्वितीय किस्त मार्च 2022 का भुगतान का समय भी नजदीक है।
भुगतान रोक सरकार कर रही अनदेखी – दिनेश परमार ने कहा कि सरकार को हमारे एरियर का भुगतान जल्द से जल्द कर देना चाहिए। ताकि अगले महीने हमको मार्च का भुगतान भी मिल सके। भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष फैला हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार हमारा भुगतान रोक कर हमारी अनदेखी कर रही है। जबकि हम लोग अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। परमार ने कहा कि संगठन द्वारा लोक शिक्षण आयुक्त एवं इंदौर कलेक्टर को पत्र लिखकर राशि का शीघ्र भुगतान करवाने की मांग की जाएगी। अगर इसके बाद भी हमारी मांग नहीं मानी गई तो हमें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हम आंदोलन की योजना बना रहे हैं।
