इंदौर के विकास और प्रगति के लिए स्वर्णिम है, कलेक्टर मनीष सिंह का कार्यकाल।

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के विकास और प्रगति के इतिहास में कलेक्टर मनीष सिंह का कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जा रहा है, इंदौर को जो ऊंचाई उन्होंने अपने कार्यकाल में दी है वह कोई और नहीं दे सका विश्व पटल पर आज इंदौर का नाम रोशन है, उनके ही दूरदर्शी इरादों से इंदौर स्वच्छता में लगातार देश का सिरमौर शहर बना हुआ है। आज इंदौर का विकास हर क्षेत्र में हो रहा है देश और विदेश की नामी कंपनियां इंदौर में निवेश कर अपना मुख्यालय शहर में स्थापित चाहती हैं, जिसकी वजह इंदौर स्वच्छता है।

कलेक्टर मनीष सिंह ने इंदौर में पदस्थ रहते हुए हर पद पर नई चुनौतियों का सामना करते हुए उन पर विजय हासिल की है। अगर उनके कलेक्टर कार्यकाल की ही बात की जाए तो वह विश्व की सबसे बड़ी महामारी के बीच वे इंदौर कलेक्टर के पद पर नियुक्त हुए और उन्होंने कड़ी चुनौतियों के साथ इंदौर वासियों को कोरोना महामारी के काल से एक नहीं दो बार निकाला है। यह मनीष सिंह की हिम्मत थी कि चारों ओर से मिल रही चुनौतियों के बावजूद भी शहरवासियों में अपने प्रयासों से कोरोना पर जीत की उम्मीद जगाते रहे। चाहे इसके लिए उन्हें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की नाराजगी ही क्यों न झेलनी पड़ी हो लेकिन शहर को महामारी से मुक्ति दिलाने के लिए वह लगातार दिन-रात काम करते रहे। इस दौरान ना वे खुद थके और ना ही अपनी टीम को थकने दिया। परिणाम स्वरूप आज इंदौर कोरोना की महामारी से निपटने के लिए आत्मनिर्भर बन चुका है। हाल ही में रंग पंचमी की गेर सफलतापूर्वक 5 लाख से अधिक लोगों की उपस्थिति में निकाली गई, इस दौरान सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रही जिसकी सफलता के लिए सभी विभागों के अधिकारियों और शहर के जनप्रतिनिधि धार्मिक संगठनों के मुखिया से समन्वय स्थापित कर कलेक्टर सिंह द्वारा इस आयोजन को सफल बनाया गया। इंदौर कलेक्टर के रूप में दो का कार्यकाल पूर्ण होने पर आपको बहुत-बहुत बधाई।

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