- अंतराष्ट्रीय स्तर पर मछली पालन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी के लिए मील का पत्थर बनेगी कार्यशाला
मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में आयोजित मात्स्यिकी कार्यशाला 2022 में प्रदेश में मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से और मछली पालन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए विचार विमर्श होगा। इसके साथ ही अंतराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ चर्चा और एमओयू साइन होंगे।
प्रदेश में मीठे पानी में उत्पादित होने वाली मछली की मार्केटिंग, ब्रांडिंग, और निर्यात के लिए नई संभावना पर भी विचार किया जायेगा।
प्रमुख सचिव श्री मती कल्पना श्रीवास्तव ने बताया की इस कार्यशाला में पांच देश जिसमे जापान, वियतनाम, थाइलैंड, मरिशास, नेपाल, के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हो रहे है जो प्रदेश के साथ एमओयू भी साइन करेंगे और प्रदेश में मछली उत्पादन के साथ मार्केटिंग और निर्यात की नई संभावना पैदा करेगा।
इसके साथ ही इस कार्यशाला में देश के 8 से अधिक राज्यों के मछली विभाग के संचालक भी उनके प्रदेश में किए जा रहे मछली उत्पादन और ब्रांडिंग के कामों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
मछली पालन के क्षेत्र में नए अवसरों की समीक्षा की जाएंगी और दूसरे राज्यों के अनुभवों के आधार पर मछली पालन क्षेत्र में नवाचार भी किया जाएगा।
मात्स्यिकी कार्यशाला में अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश में मीठे पानी में उत्पादित मछली को नया बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी अलग अलग देशों से आए प्रतिनिधियों के साथ चर्चा और एमओयू साइन करेंगे।
आत्म निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में मत्स्य पालकों की नई भूमिका के लिए चर्चा होंगी जिससे रोजगार के नए अवसर तलाश कर युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए।
