हिरासत में आतंकियों के लिए चिन्तित अरुंधति को डोभाल साहब का कड़ा जवाब

By Abhishek Raghuvanshi
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  • अरुंधती रॉय ने लिखा ख़त डोभाल को, बदले में पाया थप्पड़ जैसा जबाब
  • मशहूर लेखिका जिन्होंने कभी अपने एक उपन्यास पर “बुकर पुरस्कार” पाया था। अब वे देशनीति के विरुद्ध लड़ती दिखाई देती हैं।

इन लेखिका महोदया अरुंधती रॉय को हम सब भली प्रकार से जानते हैं | आज यह बाम नेता खुले आम देशद्रोहियों और आतंकियों की वकालत करती रही है | अपनी इसी घिनौनी मानसिकता के चलते अरुंधति राय ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को अनेक पत्र लिखे, जिनमें भारतीय जेलों में बंद आतंकवादियों के साथ अमानवीय व्यवहार और उनके समुचित उपचार के अभाव जैसी शिकायतें की गई थीं | इन देवी जी ने अपने पत्रों का जबाब भी माँगा था | जबाब मिला, बहुत माकूल जबाब मिला | भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल ने उनको क्या जबाब दिया, आप भी पढ़िए और हो सके तो औरों को भी पढ़ाईये –

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार,
दक्षिण ब्लॉक, रायसीना हिल,
नई दिल्ली -110011

प्रिय चिंतित नागरिक,
भारतीय सेना द्वारा हिरासत में लिए गए, और बाद में राष्ट्रीय सुधार प्रणाली में स्थानांतरित किये गए, आईएसआईएस और एलईटी आतंकवादियों के उपचार को लेकर आपने गहन चिंता व्यक्त करते हुए हाल ही में जो पत्र लिखा, उसके लिए धन्यवाद । हमारे प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आपके अभिमत को नई दिल्ली में स्पष्टता से सुना और समझा गया है । आप जैसे नागरिकों की चिंताओं का धन्यवाद; और आपको जानकर खुशी होगी कि हम राष्ट्रीय रक्षा विभाग में एक नया विभाग बनाने जा रहे हैं, जिसे ‘लिबरल्स एक्सेप्ट रिस्पांसिबिलिटी फॉर किलर्स’ (हत्यारों की जिम्मेदारी स्वीकारते उदारवादी) के नाम से जाना जाएगा, संक्षेप में कहें तो – एलएआरआर ।
इस नए कार्यक्रम के दिशानिर्देशों के अनुसार, हमने एक आतंकवादी को अपने यहाँ से हटाकर उसे आपकी व्यक्तिगत देखभाल में रखने का निर्णय लिया है। आपके उस बंदी को चुन लिया गया है और अगले सोमवार को उसे भारी सशस्त्र बल के साथ मुंबई में आपके घर स्थानांतरित कर दिया जाएगा ।
अली मोहम्मद अहमद बिन महमूद (आप उसे केवल अहमद कह सकती हैं) की देखभाल आपके द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में उल्लेखित मानकों के अनुरूप की जानी है! संभवतः आपके लिए यह जरूरी होगा कि आप इस कार्य में सहयोग के लिए कुछ सवैतनिक सहायकों की व्यवस्था करें | हम यह सुनिश्चित करने के लिए साप्ताहिक निरीक्षण का आयोजन करेंगे कि अहमद की देखभाल आपके द्वारा पत्र में सुझाये गए मानकों के अनुरूप हो रही है, अथवा नहीं । यद्यपि अहमद का व्यवहार अत्यंत असामाजिक और बेहद हिंसक है, फिर भी हम आशा करते हैं कि आप इस व्यक्ति की इन चारित्रिक दुर्बलताओं को अपनी संवेदनशीलता से दूर करने में सफल होंगी, जैसा कि आपने अपने पत्र में सहज attitudinal problem (व्यवहार संबंधी समस्या) बताते हुए उल्लेख किया है । शायद आप सही हों और ये समस्याएं आपके बताये अनुसार महज सांस्कृतिक अंतर ही हों ।

हमारा मानना है कि आपकी योजना “परामर्श और गृह विद्यालय” की पेशकश करने की हैं। ‘
आपका दत्तक आतंकवादी केवल हाथों के द्वारा निपटने में बहुत ही कुशल है और पेंसिल या नेल कटर जैसी सामान्य बस्तुओं की मदद से ही मानव जीवन का अंत कर सकता है । हमारी सलाह है कि आप अपने अगले योग समूह में, उसे उसके इस कौशल का प्रदर्शन करने को न कहें ।

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अपने मित्रों, पड़ोसियों या रिश्तेदारों को सचेत रखें क्योंकि आपके घर आया यह अतिथि उत्तेजित या हिंसक भी हो सकता है, लेकिन हमें यकीन है कि आप उसके साथ तर्क कर समझा सकती हैं। वह आम घरेलू उत्पाद से विस्फोटक उपकरणों की एक विस्तृतसंरचना बनाने में भी विशेषज्ञ हैं, अतः शायद आप उन वस्तुओं को लॉक करके रखना पसंद करें, क्योंकि आपकी राय के अनुसार यह चीजें उसे उत्प्रेरित या कि उत्तेजित कर सकती हैं |

अहमद आप या आपकी बेटियों के साथ यौन विषय को छोड़कर अन्य किसी विषय पर बातचीत करना पसंद नहीं करेंगे, क्योंकि वह महिलाओं को संपत्ति का एक मानव रूप मानते हैं, जिसे उनके साथ यौन संबंधों से इनकार का कोई अधिकार नहीं है। यह उनके लिए एक विशेष रूप से संवेदनशील विषय है और उन्हें उन महिलाओं के साथ हिंसक प्रवृत्तियों प्रदर्शित करने के लिए जाना जाता है, जो उनके ड्रेस कोड का अनुपालन करने में असफल रहती हैं, क्योंकि वे महिलाओं हेतु उपयुक्त पोशाक की “अनुशंसा” करते हैं ।

मुझे यकीन है कि आपपूरे समय बुरका का लुत्फ़ लेंगी । बस याद रखें कि यह आपके पत्र में वर्णित ‘उनकी संस्कृति और धार्मिक विश्वासों के सम्मान’ का हिस्सा है।
आपके द्वारा व्यक्त की
चिंता के लिए पुनः धन्यवाद |

हम वास्तव में सराहना करते हैं जब आप जैसे लोग हमें अपना काम उचित तरीके से करने के लिए निर्देशित करते हैं और हमारे अधीनस्थों की देखभाल के लिए आगे आते हैं | आप अहमद की अच्छे से देखभाल करें और याद रखें कि हम भी देख रहे होंगे।
सौभाग्य आपके साथ हो और ईश्वर आप पर कृपा करें
सौहार्द के साथ,
अजित डोवाल
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार 

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