राम से ही जीवन शुरू, लक्ष्मण पर समाप्त, तो ही होगा इस जीवन में कल्याण। परम पूज्य श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज।

By Abhishek Raghuvanshi
4 Min Read

इंदौर। मां कनकेश्वरी गरबा परिसर पर आयोजित श्री राम कथा के चौथे दिन बागेश्वर धाम सरकार के परम पूज्य श्री धीरेन्द्र कृष्ण महाराज ने कहा की भगवान को जो करवाना होता है आखिर में वहीं होता है। महाराज जी ने कहा की भगवान की कथा अनंत है। जिसका कोई अंत नहीं है। लेकिन भगवान को उनकी जितनी कथा सुननी होती है। वह उतनी ही सुनते है। फिर चाहे कोई कितने भी जतन कर लेवे लेकिन उनकी अनंत कथा मैसे कोई भी उतनी ही सुना पाता है। कथा के चौथे दिन बागेश्वर धाम सरकार के परम पूज्य श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का दरबार लगा। इस अवसर पर प्रेत भूत बाधा से पीड़ितो का महराज जी श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने उपचार किया।

बागेश्वर धाम के परम पूज्य महराज जी ने इसके पूर्व परेशान,बीमार लोगो का उपचार करते हुए उन सभी की अर्जी लगाई। मां कनकेश्वरी धाम गरबा परिसर पर आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन महाराज जी ने श्रीराम जन्म और उनके नामकरण का प्रसंग सुनाया। महाराज जी ने नामकरण का वृतांत सुनते हुए कहा की श्रीराम जी भगवान योगियों से लेकर भक्तो के हृदय में राज करते है। महाराज जी ने कहा की भगवान को भक्त हमेशा बुद्धू बनाते है। लेकिन भगवान का हृदय विशाल है। वह सबकुछ समझते हुए भी भक्तो पर उनका आशीर्वाद बना रहता है। महाराज जी ने मजाकिया अंदाज में कहा की जो नोट कहीं नहीं चलता भक्त उस नोट को मंदिर में चढ़ा आते है। ऐसे कथा के चरित्र चंगीराम का उदाहरण देते हुए श्री धीरेन्द्र कृष्ण महाराज जी ने कहा की कथा का चरित्र चंगीराम सत्यनारायण भगवान की कथा में जाता है और फटा 10 रुपए का नोट वह आरती में चढ़ा देता है। इस दौरान एक माताजी 2 हजार रुपए का नोट आरती की थाली में चढ़ा देती है। कथा का चरित्र चंगीराम यह देख माताजी को बोलता है आप तो बड़ी भक्त है। आपने दो हजार का नोट आरती में चढ़ाया। महाराज जी बताते है की माताजी चंगीराम से कहती है तो जब आप 10 रुपए का नोट आरती में चढ़ा रहे थे। तभी आपकी ही जेब से वह 2 हजार रुपए का नोट गिर गया था। चंगिराम अपना माथा पकड़ लेता है। और सात दिन उसे भोजन भी नही भाता है। इस उदाहरण को लेकर परम पूज्य श्री धीरेन्द्र कृष्ण महाराज जी कहते है की जो भगवान को करवाना होता है वहीं हो जाता है। कथा के बीच महराज जी के भजन राघव जैसा नगीना न कोई। पर कथा स्थल पर मौजूद हजारों महिला और पुरुष भक्त झूम उठे। राममय वातावरण के बीच महाराज जी ने कहा की भरत जी जैसा कोई संत न हुआ है और न होगा। श्रीराम कथा में विधानसभा दो के लोकप्रिय विधायक श्री रमेश मेंदोला, पार्षद श्री राजेंद्र राठौड़, पार्षद श्री चंदू शिंदे, पार्षद श्री राजकपूर सुनहरे, पार्षद श्री मुन्नालाल यादव, पार्षद सुश्री पूजा पाटीदार, सहित दो नंबर के तमाम भक्त मौजूद रहे।

Exit mobile version