अमेरिका की धरती से चीन को कड़ा संदेश देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अगर हमारे देश की संप्रभुता को किसी भी तरह का कोई नुकसान हुआ तो भारत किसी को नहीं बख्शेगा, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक शक्तिशाली देश के रूप में उभरा है और आगे बढ़ रहा है। भारत दुनिया की टॉप तीन इकोनॉमी में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।
सैन फ्रांसिस्को में भारतीय-अमेरिकी कम्यूनिटी को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने चीन के साथ सीमा पर भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाई गई वीरता के बारे में बताया। उन्होंने कहा- मैं खुलकर नहीं कह सकता कि भारतीय सैनिकों ने क्या किया और हमने (सरकार ने) क्या फैसले लिए।
मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि चीन को एक संदेश गया है कि अगर भारत को नुकसान हुआ तो भारत किसी को नहीं बख्शेगा। ‘भारत को अगर कोई छेड़ेगा तो भारत छोड़ेगा नहीं।’
भारत जीरो सम गेम की डिप्लोमेसी में भरोसा नहीं करता
राजनाथ ने अमेरिका को संदेश दिया कि भारत जीरो सम गेम की डिप्लोमेसी में भरोसा नहीं करता। किसी भी देश के साथ हमारे संबंध दूसरे देश की हानि की कीमत पर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि अगर भारत के एक देश के साथ अच्छे संबंध हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि किसी अन्य देश के साथ उसके संबंध खराब हो जाएंगे।
भारत का मान बढ़ा है
यूक्रेन संकट पर भारत की स्थिति और रियायती रूसी तेल की खरीद के अपने फैसले पर वाशिंगटन में कुछ बेचैनी के बीच उनकी टिप्पणी आई। राजनाथ ने कहा कि भारत की छवि बदल गई है। भारत का मान बढ़ा है। अगले कुछ सालों में दुनिया की कोई ताकत भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्था बनने से नहीं रोक सकती।
पहचान बनाए रखने के लिए बधाई
राजनाथ ने भारतीय-अमेरिकी लोगों के समूह से कहा कि मैं आपको भारतीय पहचान को बनाए रखने के लिए बधाई देता हूं। भारत से बाहर रहने वाले भारतीय हमेशा खुद को भारतीय कहने में गर्व महसूस करते हैं।राजनाथ ने जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंधों में स्थिरता और निरंतरता है। इसे बनाए रखने में दोनों देशों की अहम भूमिका रही है।
सिंह ने कहा कि भारतीय प्रवासी अमेरिका में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते रहे हैं और इस रिश्ते में उनकी खास भूमिका रही है। भारतीय मूल के लोग यहां जो उपलब्धि हासिल करते हैं, उस पर भारत के लोग हमेशा गौरवान्वित होते हैं।
