मध्य प्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में जिला न्यायालय द्वारा महत्वपूर्ण फैसला दिया गया, जिसमे आरोपी पक्ष आरती दयाल से जब्त मोबाइल को हैदराबाद लैब में भेजना से लेकर आरोपियों पक्ष द्वारा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की कॉपी देने से इंकार किया गया है….।
दरसाल मध्यप्रदेश में कांग्रेस की 15 माह की सरकार में मैं हनी ट्रैप का बहुचर्चित मामला सामने आया था जिसके तहत कई आरोपी बनाए गए थे तभी से यह मामला पूरी तरह से जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट न्यायालय तक जारी है और इसी के तहत जिला न्यायालय द्वारा पूरे मामले को लेकर अधिवक्ता अभिजीत राठौर द्वारा बताया गया कि पिछले दिनों आरोपी पक्ष द्वारा याचिका लगाई गई थी कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की कॉपी उपलब्ध कराई जाए जिसको लेकर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की कॉपी देने से इनकार किया है तो वहीं जब जब आरोपी पक्ष को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस देखना हो वह न्यायालय में ही इन्हें बखूबी तरीके से देख सकते हैं तो वही दूसरे मामले में न्यायालय ने कहा है पूरे मामले में आरोपी बनाई गई आरती दयाल के मोबाइल फोन जब तक किए गए थे जो कि हैदराबाद की लैब में भेजे गए थे लेकिन वहां पर पासवर्ड में आ रही दिक्कत के कारण हुआ वापस से इंदौर आ गए थे जिन्हें एक बार फिर से जांच के लिए हैदराबाद के लिए पहुंचाने को कहा गया है जो कि जल्द ही पहुंचाए जाएंगे ताकि पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सके
