मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री ने दिग्विजय सिंह पर उठाया यह बड़ा सवाल

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर,  मध्यप्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बाद एक बार फिर सतर्कता को लेकर जनजागरण अभियान सरकार व प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है ताकि तीसरी लहर के प्रभाव को कमजोर किया जा सके। वहीं कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर मध्यप्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने बुधवार को इंदौर में कोरोना व्यवस्थाओं को लेकर कहा कोरोना एक प्राकृतिक आपदा है और इससे बचने के सभी उपायों के लिए शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है। हमारी अस्पताल, दवाओं और काढा वितरण पुख्ता तैयारियां है। प्रशासन सजग और सतर्क है वहीं सब लोग से अपनी दिनचर्या सुधारने की अपील भी की जा रही है। साथ ही उन्होंने सूर्य नमस्कार को लेकर कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए जिससे सूर्योदय और सूर्यास्त के समय अग्निहोत्र करे व अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर रखे तो ऐसी बीमारी कुछ नही बिगाड़ पाएगी।

कोरोना की तेज रफ्तार को लेकर पाबंदी के सवाल पर मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि पाबंदी तो अभी कही लगाने की बात ही नही की है बस जनजागरण की बात है। सभी से प्रार्थना है कि खुद को बचाते हुए सजग, सतर्क रहते हुए हम अपने आवश्यक कार्य को करते रहे। इधर, हिंदुत्व को लेकर दिग्विजय सिंह द्वारा हाल ही दिए बयान को लेकर जब मंत्री उषा ठाकुर से पूछा गया तो उन्होंने पहले तो मुस्कुराते हुए कहा नो कमेंट्स इसके तुरंत बाद आखिरकार उन्होंने कहा कि मैं नही जानती कि दिग्विजय सिंह ने कौन सा शास्त्र पड़ा है। इसके बाद उन्होंने कहा कि जो सनातन है जो सत्य है बाकि मजहब तो पैदा होते हैं मरते हैं लेकिन जो सत्य सनातन परंपरा है वो तो अनादि काल से चली आ रही है। वेद वेदांत को नकारने वाले कौन से शास्त्र पढ़कर दिग्विजय सिंह बात करते हैं ये मेरी समझ से परे है।

उन्होंने कुल मिलाकर कोरोना से बचने के लिए स्वामी विवेकानंद जयंती पर मंत्री जी ने अग्निहोत्र की सलाह दी वही दिग्विजय सिंह पर मजाकिया लहजे में तंज भी कस दिया जो ये बताने के लिए काफी तेज तर्रार तरीके से अपनी बात रखने वाली मंत्री उषा ठाकुर अब नए अंदाज में अपनी बातें रख रही है ताकि लाठी भी न टूटे वाली कहावत का अनुसरण भी हो जाये।

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