प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में पाश कॉलोनियों में लगातार हो रही चोरियों में अब पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी गई है जहां अन्य राज्यों की भी कई गैंग यहां सक्रिय है हाल ही में बाणगंगा लसूडिया हीरा नगर थाना क्षेत्रों में हुई चोरी के मामले में पुलिस को अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है वही जनता को भी जागरूक किया जा रहा है जहां ऐसी कॉलोनी या जहां सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है वहां पुलिस अब जनता से अपील करके सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मियों को मौजूदगी की अपील कर रही है।
पुलिस के लिए बड़ी चुनौती यह भी है कि जैसे जैसे शहर में विकास कार्यों के साथ-साथ नई कालोनियां सामने आ रही है कई किलोमीटर तक बसी कालोनियों आउटर इलाकों में पुलिसकर्मियों की कमी का फायदा उठाकर शातिर चोर ऐसी सुनसान इलाकों वाली कॉलोनियों और घरों में वारदातों को अंजाम देते हैं ऐसे में पुलिस कॉलोनी और जनता लगातार अपील कर रही है कि कॉलोनी में सीसीटीवी कैमरे के साथ-साथ सुरक्षा गार्ड भी मौजूद रहे जिसके कारण ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपियों को रोका जा सके वहीं पुलिस आने वाले समय में पेट्रोलिंग गस्त दी बढ़ाने की बात कर रही है भले ही इंदौर में पुलिस कमिश्नर ही सिस्टम लागू हो गया हो लेकिन बल्कि एक बड़ी कमी कहीं ना कहीं इन अपराधियों को फायदा इस से मिलता है कि पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ऐसे आउटर कॉलोनी में कम जा पाती है।
इस तरह के हालात प्रदेश की राजधानी के अलावा अलग-अलग शहरों में भी पुलिस वाली की कमी के कारण कई गैंग सक्रिय होती है ऐसे में पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए अत्याधुनिक संसाधनों का भी इस्तेमाल कर रही है पुलिस ने हाल ही में एक डाटाबेस तैयार किया है जिसमें पकड़े गए पुराने गिरोह के फिंगरप्रिंट से लेकर उनकी पूरी जानकारी इस डाटा में उपलब्ध है जिसे अन्य राज्यों और अन्य शहरों में भी शेयर किया जाता है ऐसी गिरोह जब भी सक्रिय होते हैं पुलिस डेटाबेस के आधार पर ऐसे आरोपियों को धर पकड़ने में काफी आसानी होती है।
