पारंपरिक मार्ग के आधे रास्ते पर ही निकलेगी इंदौर में रंगपंचमी की गेर

By Abhishek Raghuvanshi
3 Min Read

शहर में दो साल बाद गेर निकालने की तैयारी की जा रही है। बुधवार को कलेक्टर मनीष सिंह, निगमायुक्त प्रतिभा पाल व पूर्व महापौर मालिनी गौड़ ने जिस मार्ग पर गेर निकाली जाना है, वहां का दौरा किया। इस बार गेर पारंपरिक मार्ग के आधे रास्ते पर ही निकाली जाएगी। अधिकारियों ने दौरे में तय किया कि गेर टोरी कार्नर से लोहार पट्टी, इतवारिया बाजार, नरसिंह बाजार, शीतलामाता बाजार, गौराकुंड चौराहे तक पहुंचेगी। इसके बाद यहां से पारंपरिक गेर मार्ग पर होते हुए खजूरी बाजार होते हुए राजवाड़ा तक पहुंचेगी। हालांकि अभी गेर के लिए अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की फौरी तौर पर सहमति बनी है और इस पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।

गौराकुंड से खजूरी बाजार के बीच स्मार्ट सिटी कंपनी को करना होगा काम
गेर का रूट बदलने से स्मार्ट सिटी द्वारा टोरी कार्नर से मल्हारगंज के बीच जो रोड चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है वो प्रभावित नहीं होगा। गौराकुंड से खजूरी बाजार के बीच के हिस्से में रोड को ठीक करने संबंधित कार्य को स्मार्ट सिटी द्वारा किया जाएगा। इस काम की कवायद में कंपनी जल्द ही जुटेगी। स्मार्ट सिटी कंपनी के अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी के मुताबिक अभी हमारे पास 20 दिनों का समय है। गौराकुंड से खजूरी बाजार के बीच के पाइप लाइन डालने के लिए खोदे गए गड्ढों को भरने का काम जल्द किया जाएगा। इस रोड पर अभी 40 से ज्यादा विद्युत पोल है। इनकी शिफ्टिंग किया जाना बाकी है। ऐसे में अगले 20 दिन में इस क्षेत्र में पोल शिफ्टिंग की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।

गेर निकालने को लेकर उत्साहित है संगठन, शुरू की तैयारियां
कोरोना के कारण विगत दो सालों से गेर नहीं निकाली जा रही थी। दो साल बाद अब गेर निकाली जा रही है। ऐसे में गेर निकालने वाली समितियों और आयोजकों ने तैयारी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि विगत वर्षों में पानी के टैंकर व मिसाइल तैयार कर यह संगठन गेर के दौरान रंगों की बौछार करते हैं।

Exit mobile version