
दो दुष्कर्म पीड़िताओं को कोर्ट ने दी गर्भपात की अनुमति, इनमें एक नाबालिग
नाबालिग खरगोन की तथा युवती इंदौर की रहने वाली। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने दी अनुमति।
हाई कोर्ट की एकलपीठ ने दुष्कर्म के कारण गर्भवती हुई दो पीड़िताओं को गर्भपात की अनुमति प्रदान की है। इनमें एक नाबालिग है व एक 29 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता है। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को यह अनुमति दी गई। दोनों याचिकाएं पीड़िताओं की ओर से ही लगाई गई थी। पीड़ित युवती इंदौर की जबकि नाबालिग खरगोन की रहने वाली है।
खरगोन जिले की 17 वर्षीय नाबालिग ने दिसंबर 2021 में यौन शोषण की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। याचिका में जानकारी दी गई कि इस घटना से उसे 12 सप्ताह का गर्भ है। कोर्ट ने इस मामले में भी मेडिकल बोर्ड को पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के आदेश दिए थे। खरगोन के जिला अस्पताल की रिपोर्ट में उसे 13 सप्ताह और एक दिन के गर्भ होने की बात सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दे दी।
कोर्ट ने दिए थे मेडिकल परीक्षण के आदेश – इंदौर की दूसरी पीड़ित युवती की ओर से लगाई याचिका में बताया गया कि 5 मई 2022 को भंवरकुआं थाने में उसके अपहरण और यौन शोषण की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। इस अपराध के कारण ही उसे 11 सप्ताह का गर्भ है। गुरुवार को कोर्ट ने युवती का मेडिकल परीक्षण करने के आदेश दिए थे। एमवाय अस्पताल के स्त्री रोग विभाग ने रिपोर्ट पेश की जिसमें गर्भ की अवधि 11 सप्ताह चार दिन की बताई गई। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर युवती को गर्भपात की अनुमति दे दी।
