डॉ. अम्बेडकर नगरी महू में 14 अप्रैल को बाबा साहब अम्बेडकर की जयंती पूर्ण श्रृद्धा और आस्था के साथ मनायी जायेगी

By Abhishek Raghuvanshi
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पहली बार धूमधाम से नहीं मनेगी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती
  • आने वाले श्रद्धालुओं की मेहमानों की तरह आवभगत करने की व्यवस्था
  • श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिये श्रद्धालुओं और भंतों के आने का सिलसिला शुरु

संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती उनके जन्म स्थान अंबेडकर नगर महू में पूर्व वर्षों की तरह इस वर्ष भी पूर्ण श्रद्धा और आस्था के साथ से मनाई जाएगी। मुख्य कार्यक्रम 14 अप्रैल को आयोजित होगा। श्रद्धालुओं और भंतो के आगमन का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की जन्म स्थली पर बने भव्य स्मारक को विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है। स्मारक पर नयनाभिराम,आकर्षक, रंग बिरंगी विद्युत साज-सज्जा की गई है। आने वाले श्रद्धालुओं और भंतो की आवभगत के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार माकूल इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं और भंतो की आवभगत मेहमानों की तरह करने की व्यवस्था रखी गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे इंतजाम किए जायें कि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर को श्रृद्धासुमन अर्पित करने का 14 अप्रैल को कार्यक्रम प्रस्तावित है।

कलेक्टर श्री मनीष सिंह के निर्देशन में पूरा प्रशासनिक अमला व्यवस्थाओं में जुट गया है। तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई है। उल्लेखनीय है कि बाबा साहब अम्बेडकर को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए मध्यप्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में उपस्थित होंगे। इन श्रद्धालुओं के ठहरने,भोजन, पेयजल आदि के समुचित इंतजाम किए गए हैं। अंबेडकर नगर महू में विभिन्न स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के निशुल्क भोजन के लिए विभिन्न स्थानों पर काउंटर बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं को स्वादिष्ट और ताजा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन के रूप में उन्हें सब्जी, पूरी,नुक्ति,लौंजी, खिचड़ी, तली मिर्च आदि उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। पेयजल के लिए भी समुचित व्यवस्था की गई है। ठहरने के अलावा शौचालय और स्नानागार की व्यवस्था भी रखी गई है। शहर के समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और अनेक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही है।

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