जिला अस्पताल के जीर्णोद्धार में बजट बड़ी बाधा बन रहा है, सरिए और सीमेंट के दाम आसमान छूने के कारण ठेकेदार ने निर्माण की गति धीमी कर दी है, वर्ष 2022 तक अस्पताल निर्माण स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जून 2023 तक जिला अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा।
पश्चिम क्षेत्र में बड़ा सरकारी अस्पताल न होने से जिला अस्पताल पर दबाव अधिक रहता है, इसी को ध्यान में रखते हुए 2018 में कांग्रेस सरकार ने जिला अस्पताल को 300 बेड का अस्पताल बनाने का निर्णय लिया था। भाजपा शासन आते ही इस निर्णय में कई बदलाव हुए, बजट के अभाव में इसे 100 अस्पताल का ही बनाने का निर्णय हुआ, विरोध होने पर फिर निर्णय बदला अब इसे 300 बिस्तर का ही बनाया जा रहा है लेकिन अलग अलग चरणों मे निर्माण किया जाएगा। एम पी हाउसिंग जिला अस्पताल का निर्माण कर रही है, जिस ठेकेदार ने निरमा का ठेका लिया है उसने सीमेंट और सरिए के दाम बढ़ने के कारण काम की गति धीमी कर दी है। वर्ष 2022 के अंत तक अस्पताल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब तक सिर्फ 30 से 40 प्रतिशत ही निर्माण कार्य हुआ है। सिविल सर्जन डॉक्टर प्रदीप गोयल के अनुसार ठेकेदार से इस संबंध में चर्चा कर उन्हें आश्वस्त किया है गया है कि वे काम की गति बनाए रखें भुगतान को लेकर शासन स्तर पर चर्चा जारी है।
