घुटने मोड़कर महारानी का अभिवादन करने की गुलामी के समय की प्रथा, मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय श्री यज्ञदत्त जी शर्मा ने अपने इंग्लैंड प्रवास के समय समाप्त की थी।

By Abhishek Raghuvanshi
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19 सितंबर को इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ का अंतिम संस्कार संपन्न होगा। सार्वजनिक समारोह में ब्रिटेन की महारानी के समक्ष उनके पति प्रिंस फिलिप्स को भी घुटने झुका कर अभिवादन करना होता था। यह ब्रिटिश क्रॉउन के समक्ष झुकना कहलाता था। ना कि किसी व्यक्ति के रूप में महारानी एलिजाबेथ के समक्ष। इस तरह महारानी एलिजाबेथ के समक्ष सभी सार्वजनिक समारोह में, उनके समक्ष आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को घुटने मोड़कर अभिवादन करना होता था। आप सभी जानते हैं कि भारत कामनवेल्थ जो स्वतंत्र हो गए ब्रिटिश उपनिवेश देशों का एक संगठन है। उसके अनेक कार्यक्रम होते रहते हैं। उनमें सभी देशों की विधानसभाओं और लोकसभा के अध्यक्षों के सम्मेलन भी होते हैं। 1980 से 85 के बीच स्वर्गीय श्री यज्ञदत्त शर्मा मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष के नाते लंदन में इस सम्मेलन में शरीक हुए थे। सभी विधानसभा अध्यक्षों को महारानी ने भोजन पर आमंत्रित किया था। प्रोटोकॉल अधिकारियों ने, सभी को महारानी के अभिवादन का, घुटने मोड़कर झुक कर अभिवादन करने का तरीका समझाया था। किंतु जब यज्ञदत्त जी शर्मा महारानी के समक्ष उपस्थित हुए तो उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर बगैर झुके उनका अभिवादन किया और वापस लौट आए। संपूर्ण वातावरण में सन्नाटा छा गया। किंतु उसके पश्चात भारत के जितने विधानसभा अध्यक्ष अभिवादन के लिए गए, उन्होंने श्री यज्ञदत्त शर्मा का अनुकरण किया। यह दासता की परंपरा सदैव के लिए समाप्त हो गई। यज्ञदत्त जी और उनके परिवार से स्वर्गीय पिता जी पंडित लालाराम जी आर्य के समय से ही हमारा पारिवारिक संबंध रहा है। उनसे भेंट होने पर जब उनसे मैंने पूछा कि अचानक आपने यह निर्णय कैसे किया, तो उन्होंने कहा कि बचपन में मैं संघ की शाखा में गया हूं, और राष्ट्रवाद मेरे तन मन में कूट-कूट कर भरा है। आर्य समाजी तो मैं हूं ही, शायद संस्कार उस समय मेरे मस्तिष्क को दे रहे थे। इन्हीं संस्कारों के कारण, मैंने गुलामी की उस प्रथा
को तोड़ दिया। स्वर्गीय यज्ञदत्त जी का अभिनंदन, शत शत नमन।

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