ग्वालियर। 26.08.2022। ग्वालियर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री अमित सांघी,भापुसे के निर्देश पर जिले में ‘‘सायबर काईम अवेयरनेस’’ प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसी प्रोग्राम के तहत आज दिनांक को ग्वालियर पुलिस द्वारा ‘‘एलएनआईपी’’ में एक सेमीनार का आयोजन किया गया। एलएनआईपी ग्वालियर में आयोजित सेमीनार में अति0 पुलिस अधीक्षक शहर-पूर्व/अपराध श्री राजेश डण्डोतिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए तथा एलएनआईपी की तरफ से डॉ.विवेक पाण्डेय (वाइस चांसलर), श्री एन.एल.रोहिरा (रजिस्टार), डॉ. अनिंदिता दास (एचओडी), डॉ. एम.के.सिंह (एचओडी), डॉ. निबु.आर.कृष्णा (एचओडी) के साथ स्कूल के सभी शिक्षकगण व संस्थान में अध्ययनरत 500 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
एलएनआईपी ग्वालियर में आयोजित सेमीनार के प्रारंभ में अति0 पुलिस अधीक्षक शहर-पूर्व/अपराध श्री राजेश डण्डोतिया द्वारा सेमीनार में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवं स्कूल स्टॉफ को सायबर अपराधों से जुड़ी विभिन्न केस स्टडीज के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होने वर्तमान समय में पुलिस के समक्ष आने वाली सायबर क्राईम संबंधी शिकायतों से साझा किया। उनके द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को ‘‘सेक्सटॉर्शन’’ की विस्तृत जानकारी दी साथ ही उनको इस प्रकार के फ्रॉड से बचाव के तरीकों से भी अवगत कराया गया। उन्होने अपने व्याख्यान के दौरान कहा कि वर्तमान आधुनिक समय में हम सभी को स्मार्ट फोन का उपयोग करते है तथा सभी प्रकार के पेमंेट एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी हम अपने र्स्माट फोन से ही करते है। यह स्मार्ट फोन आपकी सुविधा के लिये बनाया गया है इसलिये इसका इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करें। इस प्रकार आप खुद के सायबर अपराध का शिकार होने से बचा सकते है। हाल ही में देखने में आया है कि सायबर अपराधियों द्वारा अपराध के नए-नए तरीके इजाद किये गये है जिनमें वह लोगों को सोशल मीडिया पर किसी खूबसूरत दिखने वाले फोटो लगाये हुये फर्जी प्रोफाइल विडियो कॉल आता है। जब पीडित उस वीडियो कॉल को अटेण्ड करता है। तो स्क्रीन पर अनजान लडकी नग्न अवस्था में अश्लील हरकत करती दिखाई देती है। जिसमें पीडित व्यक्ति का चेहरा भी वीडियो कॉल में दिखाई देता है। जिसे अपराधी द्वारा रिकॉर्ड कर लिया जाता है। फिर वह विडियो पीडित को भेजकर अपराधी विडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर रूपयों की मॉग करता है। इसलिये हमको हमेशा किसी भी अजांन व्यक्ति की सोशल मिडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नही करना चाहिये ना ही किसी अंजान व्यक्ति का विडियो कॉल रिसीव नही करना चाहिये। अगर इस प्रकार की घटना होने पर अपराधी से सभी प्रकार के संपर्क को तुरंत ब्लॉक कर दे एंव उससे बिलकुल भी बात न करें। अपराधी को रूपयों का भुगतान न करें अपराधी को एक बार रूपये प्राप्त होने पर वह पीडित को लम्बे समय तक रूपयों की मांग करता है। इस प्रकार का सायबर संबधी घटना आपके साथ घटित होने पर अपने सोशल मिडिया अकाउण्ट को डिएक्टिवेट कर दें। इसके साथ ही अपने परिवारजनों को भी इन सभी बातों से अवगत कराना चाहिये, ताकि आप अपने परिवारजनों को भी सायबर अपराधियों का शिकार बनने से बचा सके। आपकी सर्तकता ही आपका बचाव है। सेमीनार के अंत में उन्होने यह भी कहा कि यदि आपके साथ कोई सायबर फ्रॉड होता है तो उसकी शिकायत तत्काल नजदीकी पुलिस थाने या सायबर क्राईम सेल अथवा टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें। एएसपी क्राईम द्वारा सभी छात्र-छात्राओं को ग्वालियर पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ‘‘सड़क सुरक्षा सप्ताह’’ की भी जानकारी देते हुए सभी को सड़क पर वाहन चलाते हुए यातायात नियमों का आवश्यक रूप से पालन किये जाने की समझाइश भी दी गई। इस सेमीनार में अति0 पुलिस अधीक्षक शहर-पूर्व/अपराध के साथ प्रभारी सायबर सेल उनि0 रजनी सिंह रघुवंशी उपस्थित रही।
