मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के शराब के विरोध के बाद प्रदेश भर में शराब दुकानों के स्थान को लेकर विरोध शुरू हो गया हैं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने घोषणा की थी कि नर्मदा किनारे शराब दुकान नही खुलेगी किन्तु इंदौर के अफसरों ने मुख्यमंत्री की घोषणा को नही माना? शिप्रा हतुनिया रोड़ पर नर्मदा शिप्रा लिंक है जिससे 50 मीटर की दूरी पर रहवासियों के मकानों के बीच देशी शराब की दुकान पिछले 5 सालों से चल रही है ? आये दिन शराबी लोगो के घर के बाहर पेशाब करने से लगाकर नशे की हर हरकत से बाज नही आते रहवासी क्षेत्र में स्कूली बच्चो के मानस पर दिन भर नशे की दुकान से बच्चो के मानस पर क्या असर पड़ता हैं समझा जा सकता है! पिछले दिनों मुख्यमंत्री के बरलाई आगमन पर ग्रामीण मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाह रहे थे किंतु रंग में भंग न हो इसलिए क्षेत्रीय विधायक ने लोगो को डपट दिया था ? लोगो ने शराब दुकान को हटाने के लिए फिर शिकायत की चार साल से लगातार कर रहे किन्तु दुकान रहवासी क्षेत्र से नही हटी!इस बार बूढ़ी बरलाई पंचायत ने कलेक्टर मनीषसिंह को पत्र लिखा कि शराब दुकान से लोग त्रस्त है इसे रहवासी क्षेत्र से बाहर किया जाये? देखना यह है कि हर बार की तरह ग्रामीण (जो जनप्रतिनिधियों को चुनते, )मात खाते या शराब ठेकेदार?
