यातायात प्रबंधन पुलिस का एक्शन, 35 टीमें स्कूल आने और जाने वाली बसों की सघन चेकिंग करेगी। चालक और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी तय।
लापरवाह स्कूल प्रबंधन को सबक सिखाने और सड़क हादसे रोकने के लिए यातायात पुलिस ने एक्शन प्लान तैयार किया है। डीसीपी ने स्पेशल–35 टीम का गठन किया है जो स्कूल से निकलते ही स्कूल बसों की वीडियोग्राफी कर लापरवाही जांचेगी। पुलिस अभी तक चौराहों पर गाड़ियां रोक कर जांच करती थी।
यातायात प्रबंधन के डीसीपी महेशचंद जैन के मुताबिक स्कूल बसों की जांच के लिए 35 टीमें गठित की गई हैं जो सोमवार को एक्शन में आ जाएंगी। सभी टीमें वीडियो कैमरा साथ रखेंगी और स्कूल आने व जानी वाली बसों की सघन चेकिंग करेंगी। उन मानकों को जांचा जाएगा जो सुप्रीम कोर्ट व राज्य सरकार ने स्कूल बसों के लिए लागू किए हैं। जरा भी लापरवाही पाई जाने पर बस चालक के साथ साथ मेंटनेंस अधिकारी व स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जल्दी पहुंचने के चक्कर में बच्चों की की जान से खेल रहे चालक – पिछले महीने ही सुपर कारिडोर (दिलीप नगर) में किड्स कालेज स्कूल की बस ने स्कूटर सवार पिता-पुत्र व पुत्री की जान ले ली थी। हादसे के वक्त बस में करीब 35 बच्चे सवार थे जिनमें से 12 घायल हुए थे। जांच में खुलासा हुआ कि स्कूल बस में स्पीड गवर्नर नहीं था।
चार साल पूर्व भी हुआ था बस हादसा – जनवरी 2018 में डीपीएस स्कूल की तेज रफ्तार बस का स्टेयरिंग फेल होने से चार बच्चों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद कई तरह के नियम बने लेकिन जिम्मेदारों ने दोबारा लापरवाही शुरू कर दी। यातायात पुलिस, आरटीओ विभाग की अनदेखी के कारण दोबारा हादसे होने लगे हैं। ट्रैफिक पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक उन्होंने हाल ही में 80 स्कूल बसों के चालान बनाए हैं जो नियमों के विपरीत दौड़ रही थीं। अफसोस इस बात का है कि स्कूल प्रबंधन भी चालकों और बसों पर ध्यान नहीं देते हैं।
