नदी-नालों में दूषित जल डालने वाली फैक्टरियों पर जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण मंडल व निगम की संयुक्त टीमें सख्त कार्रवाई कर रही हैं। पिछले दस दिनों में 28 फैक्टरियां सील की गई हैं। इनमें पांच को तय मापदंड पूरे करने पर खोल दिया गया। इसके अलावा आठ फैक्टरियों की बिजली सप्लाई भी बंद की गई है।
सोमवार को संयुक्त दल ने अवंतिका नगर में उद्योगों का औचक निरीक्षण कर क्षेत्र में बहने वाले नाले किनारे के उद्योगों की विशेष जांच की। कपड़े की धुलाई करने वाली फैक्टरी मेसर्स मां बिजासन डायर्स के अवैध रूप से संचालन पाए जाने पर उत्पादन बंद करवाया गया। सुगंधा नगर में मेसर्स शंकर फूड फैक्टरी का उत्पादन बंद करवाया गया। इन उद्योगों द्वारा परिसर में बिना दूषित जल को बिना उपचारित किए ही प्रायमरी सीवरेज लाइन में छोड़ा जा रहा था। शहर के नदी-नालों में साफ पानी बहे, इसके लिए नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने निगम के अधिकारियों को सख्ती बरतने के निर्देश दे रखे हैं। अगर कोई भी फैक्ट्री या कारखाना नदी-नालों में गंदा पानी छोड़ते मिले तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
निकाल रहे नालों की गाद – नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख नालों की गाद निकालकर सफाई करवाई जा रही है। अरबिंदो अस्पताल के सामने भंग्या जाख्या नाले में पानी काला हो चुका है। उसमें वर्षों से जमा गाद निकाली जा रही है। एडीएम पवन जैन के मुताबिक इस नाले के अलग-अलग हिस्सों में स्टाप डैम भी बनाए जाएंगे ताकि बहने वाला पानी साफ हो सके।
