इंदौर में कोरोना संक्रमण का कहर, तीसरी लहर के सबसे ज्यादा 948 पाजिटिव मिले

By Abhishek Raghuvanshi
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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर शुरू होने के बाद पहली बार एक दिन में संक्रमित मरीजों की संख्या एक हजार के नजदीक पहुंची है। सोमवार को 9956 नमूनों की जांच में 948 नए संक्रमित सामने आए। इस दिन संक्रमण की दर 9.5 फीसद रही। सात महीने बाद फिर से हालात बिगड़ने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार जिले में अब तक एक लाख 58 हजार 365 कोरोना पाजिटिव हो चुके हैं। इसमें मार्च 2020 से लेकर अब तक के केस शामिल हैं। कोरोना से अब तक 1397 लोगों की मौत हो चुकी है।

शहर में एक तरफ कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है वहीं दूसरी तरफ राहत की खबर यह है कि ज्यादातर मरीज तीन से चार दिन में ही ठीक हो रहे हैं। सोमवार को 261 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया। उधर, संस्थागत क्वारंटाइन सेंटरों से सोमवार को 6858 लोगों को डिस्चार्ज किया गया। फिलहाल 3869 मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
फिर भी सतर्कता जरूरी

शहर के डाक्टरों का कहना है कि मरीजों में कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं मिल रहे हैं और लोग जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। फिर भी सतर्कता जरूरी है। लोग यदि मास्क लगाकर रखेंगे, भीड़ से बचेंगे और शारीरिक दूरी का पालन करेंगे तो संक्रमित होने की आशंका काफी कम रहेगी। जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है उन्हें तुरंत टीका लगवाना चाहिए।

इस बार एसीपी, टीआइ सहित छह पुलिसकर्मी हो चुके कोरोना संक्रमित चार पुलिसकर्मियों को दोनों वैक्सीन लग चुके फिर भी दो बार संक्रमित

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शहर में इस बार आई कोरोना की लहर में अब तक एसीपी, टीआइ सहित छह पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं।सामान्य लक्षण होने पर सभी को होम आइसोलेट किया गया है। इनमें चार पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन्हे दोनों डोज लग चुके हैं, फिर भी दूसरी बार संक्रमित हो गए। एक थाने के टीआइ, डीआरपी लाइन के दो प्रधान आरक्षक , दो आरक्षक और एक एसीपी कोरोना पाजिटिव आए हैं।

आरआइ जयसिंह तोमर ने बताया कि सभी अफसर व पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट गंभीर लक्षण नहीं है, इसलिए सभी घर में ही उपचार करा रहे हैं। पहली, दूसरी और तीसरी लहर में अब तक 889 संक्रमित मिल चुके हैं और सात पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है।आरआइ का कहना है कि शहर में ड्यूटी के दौरान एसीपी संक्रमित हुए हैं। डीआरपी लाइन में काम के दौरान प्रधान आरक्षक और सिपाही को संक्रमण फैला। अधिकारियों के मुताबिक लाइन में करीब 1900 पुलिसकर्मियों का बल है।
40 बेड का अस्पताल तैयार आरआइ तोमर के मुताबिक पहली और दूसरी लहर में करीब 7 अफसर और पुलिसकर्मियों ने अपनी जान इस गंभीर बीमारी से खो दी थी। 2020 में 415 पुलिस विभाग के लोगों को कोराना ने घेरा था। 2021 में 473 पुलिसवाले संक्रमित हुए थे। 2022 में अभी छह लोग सामने आए हैं।कोराना की दूसरी लहर में लाइन और जिले के पुलिसकर्मियों के लिए 40 बेड का अस्पताल बनाया था। यहां 16 ऑक्सीजन बेड और 24 सामान्य बेड है। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी है।

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