एमवाय अस्पताल छठवी मंजिल पर 120 बेड का वार्ड हुआ तैयार, अब माडयूलर ओटी का काम भी हुआ शुरू।
एमवाय अस्पताल का कायाकल्प वर्ष 2014 में हुए था और उस समय इसके जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपये भी खर्च हुए थे। अब एक बार भी फिर अस्पताल में जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ है। अस्पताल में बेड क्षमता बढ़ान के लिए एमवायएच की छठवी मंजिल की छत पर हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से 120 बेड का वार्ड तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही अब एमवायएच में प्रथम मंजिल पर जहां स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग हुआ करता था, उस स्थान पर आठ माड्यूलर ओटी का काम्प्लेक्स तैयार करने का काम भी शुरु हो गया है।
कम वजनी तकनीक से अगले दो माह में तैयार हो जाएगा 120 बेड का नया वार्ड
अस्पताल की छठवी मंजिल पर दो वार्ड पहले से बने हुए थे। वहां पर मौजूद खाली छत पर 120 बेड का नया वार्ड तैयार किया जा रहा है। यहां पर सीमेंट कांक्रीट का स्ट्रक्चर तैयार करने के बजाए कम वजनी तकनीक का उपयोग कर वार्ड का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण में एसीपी ब्लाक, पाइप व एल्युमिनियम शीट का उपयोग कर वार्ड का स्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। इस तकनीक का उपयोग करने से एमवायएच की पुरानी बिल्डिंग पर लोड नहीं बढ़ेगा। इनका निर्माण कार्य अगले दो माह में पूरा हो जाएगा। इसके निर्माण पर ढाई करोड़ रुपये खर्च हुए है।
गायनिक वार्ड हुआ शिफ्ट अब तैयार होंगे आठ माड्यूलर ओटी
एमवाय अस्पताल से स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग एमटीएच अस्पताल में शिफ्ट हो गया है। स्त्री रोग संबंधित सारे मरीजों को अब एमटीएच में ही भर्ती किया जा रहा है। वर्तमान में एमटीएच में करीब 100 महिला मरीज भर्ती है। ऐसे में अब एमवायएच के प्रथम मंजिल पर आठ माड्यूलर ओटी का निर्माण कार्य शुरु हो गया है। इस पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां माड्यूलर ओटी के साथ 200 बेड का वार्ड भी तैयार किया जाएग। गौरतलब है अस्पताल में माडयुलर ओटी के निर्माण की योजना वर्ष 2019 में बन गई थी लेकिन कोविड के कारण स्त्री रोग विभाग को एमवायएच में एमटीएच शिफ्ट करने में देरी हुई। इस वजहसे माड्यूलर ओटी के निर्माण कार्य देरी से शुरु हो सका।
माड्यूल ओटी बनने से सर्जरी बेहतर तरीके से हो सकेगी
मरीजों की बढ़ती संख्या को देख लंबे समय से एमवायएच में बेड बढ़ाने की जरुरत महसूस की जा रही थी। इसके लिए छठवी मंजिल पर 120 बेड का नया वार्ड तैयार अगले दो माह में तैयार हो जाएगा। पहले अस्पताल के अन्य फ्लोर पर प्राइवेट वार्ड को हटाकर उनके स्थान पर बड़े वार्ड बनाने की योजना था लेकिन अस्पताल की इमारत 70 साल पुरानी है। ऐसे में इसके मौजूदा स्ट्रक्चर में अभी किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की जाएगी ताकि इसे नुकसान न हो। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के शिफ्ट होने के बाद अब आठ माड्यूलर ओटी के निर्माण का कार्य भी शुरु हो गया है। अत्याधुनिक स्तकर माॅड्यूलर ओटी से बनने से पीडियाडिट्रिक व अन्य विभाग संबंधित कई नई तरह की सर्जरी जो अभी नहीं हो रही है वो भी हो सकेगी।
