आवंटित क्वार्टर खाली कराए जाने और शिक्षकों के कम वेतन को लेकर दायर याचिका हाईकोर्ट ने की निराकृत

By Abhishek Raghuvanshi
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इंदौर के सभी निजी स्कूल सहित डेली कॉलेज में स्टाफ को कम वेतन और मकान खाली कराए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई.. इस दौरान न्यायालय ने याचिका को कोरोना काल खत्म होने और स्कूल नियमित शुरू होने के कारण निराकृत कर दिया है।

दरअसल इंदौर हाई कोर्ट ने निजी स्कूलों द्वारा शिक्षकों को आवंटित क्वार्टर खाली कराए जाने और शिक्षकों को पूरी तनख्वाह नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाने वाली याचिका को निराकृत कर दिया है। याचिका 2020 के करोना काल में लगी थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को याचिका के माध्यम से बताया था कि डेली कॉलेज प्रबंधन और अन्य निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से पूरी फीस वसूलने के बावजूद शिक्षकों को पूरी तनख्वाह नहीं दी जा रही है। लेकिन अब स्कूल पूरी तरह से खुल चुके हैं जिसके चलते यह याचिका अब निराधार साबित हो रही है । जिसके कारण न्यायालय ने याचिका को निराकृत कर दिया है। अधिवक्ता अभिजीत यादव के मुताबिक याचिका छात्र दीपक करौले द्वारा लगाई गई थी उनके माध्यम से लगाई गई थी, जिसमें शिक्षकों पर हो रहे अत्याचार को शामिल किया गया था। लेकिन अब कोरोना काल खत्म हो चुका है और जो आदेश न्यायालय द्वारा दिए गए थे, उसका स्कूलों द्वारा पालन किया जा रहा है। जिसके चलते यह याचिका निराकृत कर दी गई है। लेकिन कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि आगामी दिनों में इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसके लिए नई याचिका लगाई जा सकती है।

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