इंदौर के पूर्व महापौर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कल लाभ मंडपम में लता जी को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में यह कह कर सबको चौंका दिया कि लता जी इंदौर से नाराज थीं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुझे एक बात का बड़ा अफसोस है मेरी बड़ी इच्छा थी कि लताजी इंदौर आएं। मैं जब मेयर था तब गया भी। दुर्भाग्य से मुझे जिंदगी में इस बात का अफसोस रहेगा कि जिस सरस्वती की जिस कोकिला की विश्व स्तर की गायक थी। जिनका जन्म इंदौर में हुआ था पता नहीं क्यों इंदौर आने से बहुत नाराज थीं। वह हमेशा टालती रहीं। मुझे भैय्यू महाराज ने कहा था मैं लता जी को इंदौर लेकर आऊंगा । भैय्यू महाराज चले गए उसके बाद लता जी भी चली गईं। हम इंदौर वाले तरसते ही रह गए उनके दर्शन करने को। वहीं लता मंगेशकर जी की नारायण बाग में रहने वाली रिश्तेदार कविता प्रगट ने भी इस बात को दोहराया कि लता जी इंदौर से नाराज थीं इसलिए फिर वह 1983 के बाद इंदौर में कोई कार्यक्रम देने नहीं आईं। आखिर क्या थी वह घटना जिससे लता जी इंदौर से नाराज हो गई थीं।
