केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे से कुछ घंटे पहले एक भाजपा कार्यकर्ता का शव उसके घर के पास एक सूनसान बिल्डिंग में लटका मिला। मृतक अर्जुन चौरसिया उत्तरी कोलकाता में रहता था और वह भारतीय जनता युवा मोर्चा का मंडल उपाध्यक्ष था। उन्हें अमित शाह के स्वागत में निकाली जाने वाली बाइक रैली का नेतृत्व करना था।
अमित शाह आज दोपहर अर्जुन चौरसिया के घर जाएंगे। भाजपा की बंगाल इकाई ने कहा- पिछले साल 57 भाजपा कार्यकर्ताओं का नरसंहार किया गया था। मानवता का गला घोंट दिया गया है। इन सबके पीछे तृणमूल कांग्रेस है।।
बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता राहुल सिन्हा ने आरोप लगाया- अर्जुन चौरसिया की हत्या तृणमूल शैली में की गई और फांसी दी गई। यह न केवल निचले स्तर के टीएमसी नेता हैं जो इस घटना में शामिल हैं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व भी शामिल है। वहीं, तृणमूल सांसद शांतनु सेन ने कहा- हमारे खिलाफ आरोप निराधार हैं। पुलिस को मामले की जांच करने दें।
कूच बिहार में BSF जवानों से मिलने पहुंच शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कूचबिहार जिले में BSF जवानों से मिले। वहां तीन बीघा कॉरिडोर में एक पौधा लगाया और BSF अधिकारियों के साथ बैठक की। वे यहां पर बांग्लादेश से सटे इलाकों का निरीक्षण भी करेंगे। शाह यूनेस्को के एक कार्यक्रम के भी भाग लेंगे। इसके अलावा गृह मंत्री विधायक और पार्टी पदाधिकारियों के साथ कोलकाता में मीटिंग कर फीडबैक लेंगे।
इससे पहले, बंगाल दौरे के पहले दिन अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार पर जमकर हमला बोला। सिलीगुड़ी में एक सभा के दौरान शाह ने कहा कि चुनाव के बाद बंगाल में जो हिंसा हुई उसके बाद ह्यूमन राइट कमीशन ने भी माना कि बंगाल में कानून का राज नहीं है, बल्कि यहां जो सत्ता में है, उनकी इच्छा का राज है।
CAA लागू होगा, मगर कोरोना के बाद
अमित शाह ने बंगाल में एक बार फिर दोहराया कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी के लोग CAA को लेकर लगातार गुमराह कर रहे हैं। कोरोना के बाद इसे लागू किया जाएगा। बंगाल से घुसपैठ को खत्म करेंगे।
शाह के सामने उठी उत्तर बंगाल को अलग करने की मांग
गृह मंत्री अमित शाह की बंगाल रैली में उत्तर बंगाल को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग उठी। भाजपा के दो विधायकों ने दावा किया कि राज्य के उत्तरी हिस्सा विकास से वंचित है। माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधायक आनंदमय बर्मन और डबग्राम-फुलबारी विधायक शिखा चटर्जी ने केंद्र शासित प्रदेश के पक्ष में बात की।
बीजेपी नेताओं की इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर अलगाववाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
