ऑनलाइन ठगी करने के लिए आरोपी नए-नए तरीकें ने वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कभी ओटीपी के जरिए, तो कभी लिंक भेजकर लेकिन अब इन जालसाजों ने लोगों को फंसाने के लिए सोशल मीडिया (social media) का उपयोग शुरू कर दिया है। ये जालसाज सोशल मीडिया के जरिए मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के युवा (youth) कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं और उन्हें ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर उनके साथ ठगी कर रहे हैं।
जब कारोबारी अपने पैसे निकालने का प्रयास करता है तो उसको ठगी (fraud) का पता चलता है। प्रदेश में ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों को शातिर ठगों से बचने के लिए सोशल मीडिया (social media) और इंटरनेट (internet) के इस्तेमाल में सावधानी और सतर्कता (alert) बरतने की सलाह दी है।
दरअसल, ये शातिर ठग पहले युवा कारोबारियों और उद्यमियों की जानकारी जुटाते हैं। फिर अपने रैकेट की युवतियों से फ्रेंड रिक्वेस्ट (friend request) भिजवाते है। ये युवतियां सोशल मीडिया पर युवा कारिबारियों से बातचीत बढ़ाती है और फिर उन्हें पैसा निवेश करने के लिए फर्जी कंपनियों के अलग-अलग उत्पादों में ट्रेडिंग (trading) करने की जानकारियां देती हैं। फिर उनको तेजी से पैसा कमाने का लालच दिखाकर निवेश करने के लिए प्रेरित करती हैं।
ये ठग इतने शातिर हैं कि फर्जी कंपनियों के वेब पेज के डैशबोर्ड पर निवेश राशि से फायदा भी दिखाते हैं। युवा कारोबारी उनके विश्वास पर पैसा निवेश करने लगते हैं और फिर जब पैसा निकालने लगते है तो पैसा निकलता नहीं है। आरोपी उनको कोई न कोई बहाना बनाकर टालते रहते हैं। इसके बाद लंबे समय तक पैसा नहीं मिलने पर ठगी का अहसास होता है।
ऐसे ही एक रैकेट को मध्यप्रदेश राज्य साइबर सेल (cuber cell) ने पकड़ा है। ठगों ने प्रदेश के तीन युवा कारोबारियों को फंसाया और उनसे 1 करोड़ 70 लाख रूपये का निवेश करा लिया। इन पैसों को आरोपियों ने भारतीय सहयोगी की मदद से क्रिप्टो करेंसी के रूप में पाकिस्तान (pakistan) भेज दिया। इसमें चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट में चीन (china) का एक नागरिक भी शामिल है।
