फर्जी एडवाइजरी कंपनी को धोखाधड़ी के लिए सिम देने वाले 2 आरोपी को किया गिरफ्तार

By Abhishek Raghuvanshi
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एडवाइजरी कंपनी को धोखाधड़ी के लिए सिम उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को एसटीएफ इकाई इंदौर ने गिरफ्तार किया।

एसटीएफ इंदौर इकाई के एसपी मनीष खत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि रैपिड रिसर्च टेक्नोलॉजी कंपनी के विरुद्ध की जा रही विवेचना में आरोपियों को कॉलिंग हेतु अजय जायसवाल और अखिलेश तेकाम द्वारा सिम उपलब्ध कराई गई थी जिसमें उक्त दोनों व्यक्तियों की संलिप्तता पाई गई थी। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर एसटीएफ लाया गया, जिनसे सिम उपलब्ध कराने के संबंध में अजय जायसवाल से पूछताछ की गई जिसमें उन्होंने बताया कि उनके द्वारा कंपनी में उसके नाम से 4 सिम वर्ष 2018-19 में कंपनी में सर्विस करने के दौरान कॉलिंग हेतु उपलब्ध कराने के संबंध जानकारी दी। इसके साथ ही अन्य आरोपी अखिलेश द्वारा भी कंपनी में सिम उपलब्ध कराने के बारे में बताया उसके द्वारा कंपनी में वर्ष 2018-19 में सर्विस करने के दौरान कॉलिंग हेतु स्वयं के नाम की दो पोस्टपेड सिम उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी दी।

मनीष खत्री एसपी एसटीएफ

गौरतलब है कि माह दिसंबर 2019 में एसटीएफ इकाई इंदौर द्वारा वाय एन रोड स्थित रैपिड रिसर्च टेक्नोलॉजी नामक एडवाइजरी कंपनी के संचालक अरुण खंडेलवाल कंपनी के मैनेजर जितेंद्र सराठे विनोद विश्वकर्मा एवं 40 व्यक्तियों द्वारा उनके नाम बदलकर विभिन्न नामों का उपयोग कर निवेशकों को कंपनी में धनराशि निवेश करने पर कई गुना मुनाफा मिलने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी की थी जिसमें सभी को गिरफ्तार किया था।

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