इंदौर मध्यप्रदेश के इंदौर से आई दो तस्वीरे ये बताने के लिए काफी है कि एक ओर जहां इंसानियत का कुनबा लोगो की जान बचाने में जुटा है तो जिन लोगो को वारियर्स की तरह पूजा जा रहा है उनमें से कुछ अपवाद ऐसे है जो राक्षसी प्रवृत्ति को बता रहे है दरअसल, इंदौर में जहां आज रेमडेसीविर इंजेक्शन एक और खेप आने की खुशी थी वही दूसरी ओर निर्लज स्टॉफ नर्स और उसके सहयोगी की ऐसी करतूत सामने आई है जो सेवा के काम मे मेवा चखने पर विश्वास रखते है। ये महज एकमात्र उदाहरण नही है बल्कि ऐसे अनेकों उदाहरण है जो छिपे पड़े किसी की मजबूरी में। फिलहाल, आपको बता दे कि इंदौर में रविवार को एयरपोर्ट पर 125 बॉक्स में कुल 12 हजार रेमडेसिवीर इंजेक्शन पहुंचे है। जिनमें से चापर के माध्यम से 25 बॉक्स भोपाल, 4 होशंगाबाद और 5 सागर पहुंचाए गए है। इसी तरह स्टेट प्लेन के द्वारा 10 बॉक्स ग्वालियर, 01 चंबल, 04 रीवा, 03 शहडोल और 21 जबलपुर पहुंचाये गए है। वही सड़क मार्ग के जरिये14 बॉक्स उज्जैन पहुंचाए गए और 38 रेमडेसिवीर इंजेक्शन के बॉक्स इंदौर के लिए रखे गए है
इस खुश खबर के बीच शाम होते होते एक ऑडियो सामने आया जिसके आधार पर राजेन्द्र नगर पुलिस ने बारोड़ हॉस्पिटल कालाबाजारी करने वाली महिला नर्स और उसके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हसिल की है बड़े ही दुख की बात है कि लाचार परिजनों को रेमडेसीविर इंजेक्शन को 70 हजार रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि राजेंद्र नगर पुलिस नेे इस मामले में बारोड अस्पताल की नर्स कविता पिता कालू चौहान के साथ शुभम पिता पुरुषोत्तम परमार और भूपेंद्र परमार को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी एमआर है और दूसरा आरोपी उसका भाई है। पुलिस मामलेे की जांच कर रही है। बता दे कि पुलिस ने विगत 2 दिनों में इस तरह के इंजेक्शन बेचने के आरोप में एक एम.आर.और उसके साथियों सहित दो मामलो में 3 लोगों को गिरफ्तार किया था
वही हॉस्पिटल के मालिक का कहना है कि हमारा ग्रीन हॉस्पिटल है हमारे यहाँ इस दवाई का उपयोग नही होता है बस हमारा दुर्भाग्य है कि ये लोग हमारे यह काम करते है इस से होस्पिटल का कोई लेना देना नही है
वही राजेन्द्र नगर थाना प्रभारी का कहना है कि हमने 3 लोगो को गिरफ्तार किया है जो इंजेक्शन की काला बाजारी कर रहे थे और दी रेमडीशिविर इंजेक्शन को 70 हजार रुपय में बेच रहै थे वही पकडे गए आरोपीयो से पुछ्ताछ चल रही है
