तुकोगंज थाने के बाहर पिछले 314 दिनों से पीड़ित धरने पर बैठा है। भाई के साथ मकान बंटवारे को लेकर हुए विवाद में पुलिस ने वृद्ध को घर से बेदखल कर दिया और ताला लगाकर चाबी फरियादी के छोटे भाई को दे दी। गोमा की फेल के रहने वाले गोपाल कुशवाहा पिछले 314 दिनों से धरने पर बैठे हैं। बारिश, धूप और कड़ाके की ठंड के बावजूद वे धरने पर लगातार बैठे रहे।
उन्होंने कहा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता, धरने पर बैठे रहेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस को अधिकार नहीं है कि वह उन्हें घर से बेदखल करें। बिना किसी जांच के दोषी ठहराते हुए उन्हें जिस तरह से घर से बाहर से निकाला, उन्हें उसी तरह से वापस घर भेजें। गोपाल ने न्याय के लिए कलेक्टर मनीष सिंह, डीआइजी मनीष कपूरिया सहित थाना प्रभारी को भी कई बार आवेदन के माध्यम से सूचना दी है। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की।
थाना प्रभारी ने धरना खत्म करने के कई प्रयास किए। धमकाया भी, लेकिन वृद्ध पर कोई असर नहीं हुआ। वृद्ध का धरना छुपाने के लिए बस भी खड़ी करवाई थी, पर मजबूरन पुलिस को बस हटवानी पड़ी। वृद्ध ने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है। इसके बावजूद भी मामले का निराकरण नहीं हो पा रहा। गोपाल पुलिस की गलती बता रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि उन्होंने नियमानुसार ही कार्रवाई की थी। इसका निराकरण करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों की है, लेकिन वे भी मामले में कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं।
पुलिस को अधिकार नहीं फिर भी करा दिया घर खाली
गोपाल का कहना है कि एक नवंबर को मकान को लेकर भाई से विवाद हुआ था। मामला थाने में पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें घर से बेदखल कर सामान बाहर फेंक दिया और उनके घर में ताला लगा दिया। पुलिस को घर खाली कराने का अधिकार नहीं है। इसके बाद उन्होंने भाई को चाबी पकड़ा दी। पुलिस दो लोडिंग रिक्शा से सामान थाने लेकर आ गई। मकान के सभी दस्तावेज जब गोपाल ने बताए तो पुलिस को लगा कि उन्होंने गलत किया है तो गोपाल से थाने से ही सामान वापस ले जाने के लिए कहा। पुलिस ने नियमों से हटकर कार्रवाई की है, इसलिए पुलिस जिस तरह से सामान उठाकर लाई थी, वैसे ही सामान वापस कर दे।
